लोगों को बताए जा रहे जलजनित रोगों के लक्षण और बचाव
डोर टू डोर लोगों को जागरूक करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग
डेंगू-डायरिया को लेकर लोगों को दी जा रही अहम जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। बरसात के मौसम में डेंगू और जलजनित रोगों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डोर टू डोर जागरुकता अभियान छेड़ा है। जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी दे रहीं हैं।
दरअसल, जिले में हो रही बारिश के कारण जलजनित रोगों की संभावना बढ़ गई है। जबकि नाहन समेत कई इलाकों में डेंगू के मामले में भी आ चुके हैं। हालांकि विभाग ने बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही उक्त बीमारियों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन अब फिर से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी के अंतर्गत शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर परिषद के वार्ड नंबर आठ में घर-घर जाकर लोगों को डेंगू और जलजनित रोगों के बारे में जानकारी प्रदान की। इस दौरान बच्चों को जिंक टेबलेट व ओआरएस घोल भी दिया। इस दौरान आशा कार्यकर्ता मीना शर्मा ने लोगों को बताया कि दूषित पानी के सेवन से लोग बीमारियों हैजा, टायफाइड, उल्टी, दस्त, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग व अन्य बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए पानी उबाल कर पिएं या फिर पीने के पानी की क्लोरीनेशन करें।
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ऐसे करें डेंंगू और जलजनित रोगों से बचाव
डेंगू से बचाव के लिए अपने आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। पानी के बर्तनों को ढककर रखें। भोजन और पीने के पानी को को साफ रखें। सीवरेज पाइप के साथ पानी के पाइप न रखें। रिसाव हुए पाइपों को एक बार में ठीक करें। बाहरी भोजन से बचें। लक्षण बिगड़ने और व्यक्ति निर्जलित होने पर चिकित्सक से शीघ्र उपचार प्राप्त करें। अपने आसपास साफ-सफाई रखें। गंदे, भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने से बचें।
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जलजनित रोगों को लेकर विभाग सतर्क
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने बताया कि डेंगू और जलजनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले ही जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में इसके बचाव को लेकर तैयारियां कर ली गई थी। अब घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की टीमें डोर टू डोर जाकर डेंगू और जलजनित रोगों के लक्षण व बचाव के बारे में जानकारी दे रहीं हैं।
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