शिलाई (सिरमौर)। चंडीगढ़ में रह रहे हाटी समुदाय के लोगों ने गिरिपार को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए आवाज बुलंद कर दी है। हाटी समिति चंडीगढ़ इकाई की आम बैठक चंडीगढ़ में संयोजक फकीर चंद चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय हाटी समिति के सक्रिय सदस्य रमेश देसाई विशेष रूप से मौजूद रहे। इस बैठक में चर्चा के बाद हाटी समिति चंडीगढ़ यूनिट का गठन किया गया।
सर्व सम्मति से अध्यक्ष महेंद्र चौहान को चुना गया। इसके अलावा उपाध्यक्ष रमेश देसाई, सचिव परवेश शर्मा, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता दिनेश चौहान, प्रेस सचिव और मीडिया प्रभारी राजेंद्र शर्मा, संयुक्त सचिव अधिवक्ता नेहा ठाकुर को बनाया गया। जबकि अभय चौटाला और वीरेंद्र तोमर को प्रभारी डिजिटल और प्रिंट मीडिया का पदभार दिया गया। कार्यकारिणी सदस्यों में टीआर शर्मा, अनिल शर्मा संतोष शर्मा, केशव ठाकुर, जतिन तोमर, कपिल तोमर, टिकम चौहान, निकेतन पुंडीर के शामिल किए गए।
इकाई गठन के बाद हुई चर्चा में भाग लेते हुए इंजीनियर प्रवेश शर्मा ने सुझाव दिया कि हिमाचल प्रदेश में सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में एसटी का दर्जा पाने की इतनी बड़ी लड़ाई इतनी धीमी गति से नहीं जीती जा सकती है। युवा वीरेंद्र तोमर, टीआर शर्मा, अनिल शर्मा, केशव ठाकुर, दीपांशु चौहान, जतिन तोमर और अन्य युवा प्रतिभागियों ने आगे चर्चा करते हुए इस संघर्ष के उद्देश्य और लाभ के बारे में क्षेत्र के सभी निवासियों को जागरूक करने का सुझाव दिया।
अधिवक्ता दिनेश चौहान ने हिमाचल और विशेषकर सिरमौर के सभी राजनीतिक नेताओं को इस मुद्दे पर एक सूत्र में बांधने का सुझाव दिया। चर्चा के दौरान संयोजक फकीर चंद चौहान ने रमेश देसाई से शिलाई में डॉ. अमी चंद कमल के साथ हाल ही में हुई बैठक के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया। संयोजक फकीर चौहान ने सारांश व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों खासकर युवा प्रतिभागियों द्वारा दिखाए गए उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया।
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