संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुरधार(सिरमौर)। जिले के प्रमुख धार्मिक केंद्र हरिपुरधार में अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था, आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए जी का जंजाल बन गई है। चौतरफा आवाजाही का केंद्र होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बाजार की सड़कें पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई हैं।
हरिपुरधार भौगोलिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यहां आसपास की दर्जनों पंचायतों के लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र में एक कॉलेज और पांच बड़े स्कूल होने के कारण सुबह और छुट्टी के समय हजारों छात्र सड़कों पर होते हैं। इसके अलावा, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के नाते बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों का आना लगा रहता है।
यहां सबसे विकराल समस्या बस स्टैंड का न होना है। चारों दिशाओं से आने वाली सरकारी और निजी बसें मुख्य बाजार में ही खड़ी की जाती हैं। इसके ऊपर से पर्यटकों और स्थानीय लोगों के सैकड़ों निजी वाहन जब संकरी सड़कों से गुजरते हैं, तो स्थिति बेकाबू हो जाती है। पर्यटन की दृष्टि से उभर रहे इस क्षेत्र में एक व्यवस्थित बस स्टैंड और बड़ी पार्किंग की दरकार लंबे समय से महसूस की जा रही है।
स्थानीय निवासी रामकुमार, मायाराम, चिंतामणि ने बताया कि हालात को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार मुस्तैद रहता है। जाम की स्थिति में जवान राहगीरों और वाहन चालकों की मदद करते नजर आते हैं, लेकिन जब तक स्थायी बस स्टैंड और पार्किंग की सुविधा नहीं मिलती, तब तक पुलिस की यह कवायद केवल अस्थायी मरहम जैसी ही रहेगी।
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