पीएचसी हरिपुरधार में कार्यरत 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने मानव सेवा एवं कर्तव्य की एक अनूठी मिसाल कायम की है। उप-तहसील हरिपुरधार के अंतर्गत बोड़ गांव की सुनीता शर्मा को रविवार सुबह करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा उठी। काफी देर तक दर्द से कराहने के बाद उसके पति वेद प्रकाश ने सुबह करीब 8 बजे 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस मंगाई। आधे घंटे के भीतर ही एंबुलेंस बोड़ गांव के समीप पहुंच गई।
बोड़ गांव के लिए जाने वाला लिंक रोड बंद था, जिस पर 108 एंबुलेंस के ईएमटी बलबीर सिंह व पायलट कपिल देव ने 2 किमी पैदल चलने का निर्णय लिया। बाद में पीड़ा से कराह रही महिला को ईएमटी व पायलट कर्मी ने खड़ी चढ़ाई में पगडंडी वाले रास्ते से उठाकर कर एंबुलेंस तक पहुंचाया। महिला की हालत प्रसव पीड़ा से ज्यादा बिगड़ने लगी तो ईएमटी बलबीर सिंह ने डॉक्टर को महिला की स्थिति के बारे में अवगत करवाया।
डॉक्टर ने उन्हें एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करने की सलाह दी। फोन पर मिले दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उक्त दोनों कर्मियों ने महिला को सुरक्षित प्रसव करवाने में सफलता हासिल की। महिला सुनीता ने कुछ ही पलों में एक स्वस्थ कन्या को जन्म दिया है।
पीएचसी हरिपुरधार में डॉक्टर नहीं होने के कारण 108 कर्मचारी डिलिवरी के बाद मेडिकल चेकअप के लिए जच्चा व बच्चा को सीएचसी संगड़ाह ले गए। कर्मियों के इस कार्य की क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है।