-गिरि और जलाल नदी में बढ़े जलस्तर के साथ 5100 पीपीएम तक पहुंची सिल्ट, दोनों टरबाइन बंद
-60 मेगावाट उत्पादन वाली परियोजना प्रभावित, बिजली बोर्ड को लाखों रुपये का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। सिरमौर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर जनजीवन के साथ-साथ बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। भारी वर्षा के कारण गिरि और जलाल नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने और पानी के साथ भारी मात्रा में सिल्ट (मिट्टी) आने से गिरिनगर जलविद्युत परियोजना का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
शुक्रवार सुबह से परियोजना की दोनों टरबाइन बंद हैं, जिससे 60 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना का उत्पादन शत-प्रतिशत से सीधे शून्य पर पहुंच गया। इससे राज्य बिजली बोर्ड को एक ही दिन में लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। परियोजना में सामान्य परिस्थितियों में 60 मेगावाट उत्पादन के लिए 47 क्यूमेक्स पानी की आवश्यकता होती है। लगातार बारिश के कारण गिरि और जलाल नदी का जलस्तर बढ़कर 370 क्यूमेक्स से अधिक हो गया। हालात को देखते हुए जटौन बैराज के सभी 10 गेट करीब नौ-नौ इंच तक खोल दिए गए, ताकि पानी के साथ आ रही सिल्ट का दबाव कम किया जा सके।
बारिश शुरू होने से परियोजना प्रबंधन को उत्पादन बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सिल्ट की मात्रा बढ़कर 5100 पीपीएम तक पहुंचने से सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। मशीनों को जाम होने से बचाने के लिए शुक्रवार तड़के दोनों टरबाइनों को बंद करना पड़ा।
गिरि जलविद्युत परियोजना के आरई अशोक रुपटा ने बताया कि गिरि नदी में पानी के साथ भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण टरबाइन बंद रखनी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नदी का पानी साफ होते ही मशीनों को दोबारा चालू कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।-