राजगढ़ (सिरमौर)। इस वर्ष आडू की फसल कम होने के बावजूद पीच वैली राजगढ़ के आडू उत्पादकों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। आडू के दाम इस वर्ष पूरे सीजन काफी वाजिब रहे। दिल्ली की मंडियों में आडू की एक पेटी के अधिकतम दाम 600 व 700 रुपये तक मिले। वहीं चंडीगढ़ में आडू की एक क्रेट 1100 रुपये तक बिकी।
प्रगतिशील बागवान सुरेंद्र तोमर, राजेंद्र, विनोद, रविदत्त भारद्वाज व अनिल ने बताया कि पहले यहां से आडू की सप्लाई दिल्ली मंडी तक होती थी और दिल्ली में आढ़ती लोग मनमर्जी के दाम बागवानों को देते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बागवान दिल्ली के अतिरिक्त चंडीगढ़ व पंजाब की मंडियों में भी आडू भेजने लगे हैं। यही नहीं चंडीगढ़ व पंजाब में आडू क्रेटों के माध्यम से जाता है जिस पर बागवानों को खर्च कम आता है। जबकि दिल्ली की मंडियों में आडू पेटियों में भेजना पड़ता है। इसके विपणन के खर्चे अधिक होते हैं।
बागवानों ने बताया कि वैसे तो दो तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश के व्यापारी यहां आकर बागीचों के ठेके ले रहे हैं, मगर इस बार बहुत अधिक संख्या में यहां ठेकेदार आए और यहां के आडू उत्पादकों ने भी पीच वैली में आडू के ठेके देने को तरजीह दी। ठेके के तहत आडू को तोड़ने से लेकर सारा कार्य ठेकेदार ही करता है और दामों की गिरावट आदि का कोई भय नहीं रहता है। यह ठेकेदार आडू व अन्य फलों को उत्तरप्रदेश की छोटी-छोटी मंडियों में भेजते हैं, जिस कारण दिल्ली व चंडीगढ़ की मंडियों में माल कम गया और इस कारण दाम भी अच्छे रहे।
बागवानों ने बताया कि इस बार बारिश अच्छी होने के कारण फलों के आकार में भी बढ़ोतरी हुई। इससे न केवल दाम अच्छे मिले बल्कि फसल की पैदावार भी बढ़ी। उन्होंने कहा कि इस बार मिले वाजिब दामों से बागवान काफी खुश नजर आ रहे हैं।