5 अप्रैल को माजरा थाना का मामला, 2.30 करोड़ की जमीन डील में 35 लाख हड़पे, 3.20 लाख रिकवर
मामले में दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, पुलिस के सामने गिरोह के नेटवर्क के खुलासे की चुनौती
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। पांवटा साहिब उपमंडल के माजरा थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का जाल बेनकाब हुआ है। इस पूरे प्रकरण में जहां 2.30 करोड़ रुपये की जमीन डील के नाम पर लाखों रुपये हड़पने के आरोप हैं, वहीं इससे जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत से जमानत भी मिल गई है। मामले में अभी भी तीन आरोपी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक 5 अप्रैल 2026 को दर्ज एफआईआर के तहत मुबारिक नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से 2.50 लाख बरामद हुए, जबकि 70 हजार सह आरोपी कासिम को दिए जाने की बात सामने आई। इस तरह कुल 3.20 लाख की रकम का ट्रेल सामने आया, लेकिन 34.80 लाख अब भी अन्य आरोपियों के पास होना बताया जा रहा है। मामले में सोनिपाल, रफाकत और हसन अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित ठगी गिरोह हो सकता है, जो लोगों को जमीन दिलाने का झांसा देकर ठग रहा था। ऐसे में पुलिस के लिए इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल माजरा थाना पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
ऐसे रचा गया ठगी का खेल
मिसरवाला निवासी आरिफ खान ने शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात कासिम के माध्यम से समर से करवाई गई। समर ने 2.30 करोड़ रुपये में सौदा तय किया और भरोसे में लेकर अलग-अलग माध्यमों से करीब 35 लाख रुपये समर ने ऐंठ लिए। पीड़ित के अनुसार न तो जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई और न ही पैसे लौटाए गए। लंबे समय तक टालमटोल करने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
अदालत से आरोपियों को राहत
जेएमएफसी की अदालत ने आरोपी मुबारिक और कासिम को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक-एक स्थानीय जमानती के आधार पर जमानत दे दी। अदालत ने माना कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपियों से कोई और बरामदगी शेष नहीं है और ऐसे में लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। संवाद