नाहन (सिरमौर)। रियासतकालीन धरोहर लिटन मेमोरियल (दिल्ली गेट) में लगी चार घड़ियां करीब छह महीने से खराब चल रही है। घड़ियों में दस बज गए हैं। इससे आगे इनकी सुई नहीं बढ़ पा रही। सिरमौरी हुकमरानों की ओर से बनाए गए दिल्ली गेट की घड़ी खराब होना एतिहासिक धरोहरों के प्रति सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता की ओर इशारा कर रहा है। हैरत इस बात की है कि धरोहर पर लगी चारों घड़ियां पिछले करीब छह महीने से खराब चल रही हैं लेकिन इन्हें ठीक करने के लिए कोई मैकेनिक नहीं मिल रहा।
सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन शहर का दिल्ली गेट किसी अजूबे से कम नहीं है। हिमाचल में कहीं पर भी इस तरह का मेमोरियल नहीं है। खास यह है कि दिल्ली गेट के आखिरी गुंबद में चारों ओर चार घड़ियां स्थापित की गई हैं। पिछले करीब छह सात महीने से यह घड़ियां बंद चल रही है। घड़ियां दस पर अटक गई हैं। इतना लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है।
बताया जाता है कि भारत के वायसराय, लार्ड लिटन के सम्मान में 1877 में इस स्मारक स्थल की स्थापना सिरमौर के महाराजा ने करवाई थी। अब इसकी देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर परिषद के पास है। हर साल नगर परिषद इस गेट पर रंग रोगन भी करती है लेकिन छह महीने से खराब चल रही इस घड़ी को दुरुस्त नहीं किया जा रहा।
उपायुक्त बीसी बडालिया ने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने नगर परिषद को आदेश दिए हैं, लेकिन मैकेनिक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इधर नगर परिषद नाहन की अध्यक्ष अनीता चौहान ने बताया कि इसके लिए प्रयास जारी हैं। मैकेनिक से बात की जा रही है। जल्द ही घड़ियां ठीक कर दी जाएंगी।
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