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अवैध खनन पर जुर्माना वसूलने में पांवटा वन विभाग रहा सबसे अग्रणी

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पांवटा साहिब में यमुना नदी के बीच किया जा रहा अवैध खनन। - फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन पर कार्रवाई करने का तीन दर्जन विभागों को अधिकार है। ये अलग बात है कि अवैध खनन पर कार्रवाई में खनन, वन विभाग व पुलिस विभाग अग्रणी रहता है। पिछले वर्ष एक अप्रैल से 31 दिसंबर तक पांवटा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीनों विभागों ने 44 लाख जुर्माना राशि वसूली है। इसमें सबसे अग्रणी रहे वन विभाग ने 24 लाख जुर्माना राशि वसूली है।
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दूसरे स्थान पर पांवटा पुलिस विभाग के सभी थाना-चौकियों ने 16.43 लाख और तृतीय स्थान पर रहे खनन विभाग ने 3.54 लाख जुर्माना राशि वसूली की है। बता दें कि पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के नदी नालों में दो दर्जन से अधिक स्थल अवैध खनन को लेकर संवेदनशील रहे है। इसका सबसे प्रमुख कारण दो दशकों से राज्य सीमा का निर्धारण नहीं हो पाना रहा है। इसका पूरा फायदा अवैध खनन माफिया उठाते रहे हैं।
एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2021 के बीच वनमंडल पांवटा साहिब की टीमों ने अवैध खनन के 132 चालान करते हुए 24 लाख रुपये जुर्माना राशि वसूली है। इसमें मुख्यता कभुंजा मतरालियों, भूपपुर, गोज्जर, नवादा, मानपुर देवड़ा यमुना नदी और गिरि नदी क्षेत्रों में कार्रवाई हुई। डीएफओ पांवटा कुनाल अंग्रीश ने कहा कि वन विभाग अवैध खनन के खिलाफ उचित कार्रवाई करती रही है। यमुना नदी पुल के आसपास अवैध खनन करने पर दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई है।
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डीएसपी पांवटा साहिब बीर बहादुर ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभिन्न पांवटा के पुलिस थाना व चौकी क्षेत्रों की टीमों ने कुल 326 चालान कर वाहन संचालकों से 16.43 लाख जुर्माना वसूला है। खनन निरीक्षक पांवटा साहिब संजीव कुमार ने बताया कि खनन विभाग की पांवटा टीम ने इस अवधि में कुल 111 चालान किए हैं। इसमें से 74 चालान और मामले अदालत व विभागीय कार्यालयों में आगामी कार्रवाई को लंबित है। 37 मामलों में 3.54 लाख जुर्माना राशि वसूली गई है।
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अवैध खनन के संवेदनशील स्थल
पांवटा क्षेत्र में यमुना नदी, टौंस, गिरी नदी समेत बरसाती खड्ड अवैध खनन को संवेदनशील रहते है। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य सीमा का करीब 27 किलोमीटर सीमा क्षेत्र अवैध खनन को लेकर संवेदनशील है। डाक पत्थर, सहस्त्रधारा के पास, खोदरी माजरी, सिंगपुरा, नवादा, मानपुर देवड़ा, कुंजा मतरालियों, देवीनगर, यमुना पुल के समीप, भूपपुर, केदारपुर, कौंच वैली व बाता मंडी में यमुना नदी तथा गिरि नदी में राजबन के पास, सतौन, बांगरन व नवादा समेत दो दर्जन से अधिक अवैध खनन के संवेदनशील स्थान हैं।
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