वन अधिकार अधिनियम की समीक्षा बैठक में दी स्वीकृति
वन अधिकार अधिनियम में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त : नेगी
राजस्व मंत्री ने वन अधिकार समिति को काम में तेजी लाने के दिए निर्देश
पटवारियों और वन रक्षकों को ट्रेनिंग के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजस्व, उद्यान, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने बचत भवन नाहन में वन अधिकार अधिनियम, राजस्व मामलों तथा आपदा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जिला सिरमौर में वन अधिकार अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति ने शिलाई उपमंडल के 29 व्यक्तिगत दावों को योग्य पाया है। इन सभी लाभार्थियों को भूमि के पट्टे दिए जाएंगे। जानकारी दी गई कि 8 मार्च को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सिरमौर दौरे के दौरान पट्टे वितरित किए जा सकते हैं। यह जिला सिरमौर में वन अधिकार कानून के तहत पहली बार जमीन के पट्टे दिए जाने की ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
मंत्री ने अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए पाया कि ग्राउंड स्तर पर कार्य कर रहे पटवारी और वन रक्षक अधिनियम की पूरी जानकारी से अवगत नहीं हैं। इस पर उन्होंने जिला में सभी पटवारियों और वन रक्षकों को वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी किए। उन्होंने उपमंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) और वन अधिकार समितियों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से चर्चा की और निर्देश दिए कि समुदायों को लाभ पहुंचाने के लिए समितियां सक्रिय रूप से कार्य करें।
नेगी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अधिनियम के तहत कार्रवाई में देरी की गई तो संबंधित पर जुर्माना लगाया जाएगा और यह प्रविष्टि उसकी सर्विस बुक में भी दर्ज की जाएगी। बैठक में नाहन के विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वन अधिकार मंच बोला- 20 साल बाद मिला हक
सिरमौर वन अधिकार मंच के अध्यक्ष धनीराम शर्मा ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने के लगभग 20 साल बाद लोगों को उनका वास्तविक हक मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में प्राप्त 118 दावों में से 29 अन्य परंपरागत वन निवासियों के व्यक्तिगत दावों को स्वीकृति दी गई है। नैना गांव के तुलसीराम सहित लाभार्थियों ने लंबे संघर्ष के बाद अधिकार मिलने पर संतोष जताया और उम्मीद व्यक्त की कि इससे अन्य वन निवासी भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे।
राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाएं
राजस्व मंत्री ने नाहन में आयोजित राजस्व मामलों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को कार्य में आ रही समस्याओं का भी जायजा लिया। बैठक में बताया गया कि जिला में अब तक विभाजन के 96 मामले, सीमांकन के 447 मामले, राजस्व प्रविष्टियों के सुधार के 123 मामले, अतिक्रमण के 20 मामले तथा इंतकाल के 11 मामलों का निपटारा किया गया है।
आपदा प्रभावित 1522 परिवारों को दी राहत राशि
आपदा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि जिला में वर्ष 2023 की आपदा के प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत 1522 पात्र परिवारों को लाभान्वित किया गया। विशेष राहत पैकेज 2023 के तहत 66 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान, 853 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान, 292 गोशाला, 262 फसल को हुए नुकसान, दो दुकानों को हुए नुकसान, इत्यादि के लाभार्थियों को 11 करोड़ की राहत राशि प्रदान की गई।