सिरमौर में मानकों पर खरे नहीं उतरे रसोई में नियमित प्रयोग होने वाले 9 खाद्य पदार्थ
-खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलाभर से एकत्रित किए थे सैंपल
-सैंपल में हल्दी, देसी गाय का घी, रिफाइंड, कुकिंग ऑयल, चाय आदि वस्तुएं शामिल
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में एक बार फिर बड़े स्तर पर खाद्य वस्तुओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं वह हर घर की रसोई में आम मिलते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 9 के करीब खाद्य वस्तुएं हैं, जिनके सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। अब विभाग ने संबंधित विक्रेताओं और कंपनियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सिरमौर के अलग-अगल क्षेत्रों नाहन, पांवटा साहिब, कालाअंब, राजगढ़, शिलाई, ददाहू आदि से विभाग की खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप ने हाल ही में खाद्य वस्तुओं के सैंपल एकत्रित किए थे। विभाग ने सैंपल एकत्रित करने के बाद जांच के लिए संबंधित लैब में भेजे थे। विभाग को जो रिपोर्ट अब मिली है, उसमें 9 सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। चिंता की बात यह भी है कि दो खाद्य वस्तुओं खुली चीनी और नामी कंपनी का रिफाइंड सब स्टेंडर्ड गुणवत्ता के पाए गए हैं।
विभाग के अनुसार नवंबर और दिसंबर महीने में यह सैंपल एकत्रित किए गए थे। इसमें जो रिपोर्ट आई है उसमें पैकिंग की नमकीन मिस ब्रांडेड, पेकिंग का देसी गाय का घी मिस ब्रांडेड, नामी कंपनी का कुकिंग ऑयल मिस ब्रांडेड, हल्दी पाउडर मिस ब्रांडेड, चाय के दो अलग-अलग सैंपल मिस ब्रांडेड, काजू पाए गए हैं। इसके अलावा खुली चीनी और रिफाइंड के सैंपल कम गुणवत्ता के पाए गए हैं।
बाक्स-
नोटिस जारी कर मांगा जवाब
खाद्य वस्तुओं के सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित विक्रेताओं व कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। तय समय में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ अदालत में मामलों को उठाया जाएगा। इससे पहले भी ऐसे विक्रेताओं और कंपनियों पर विभाग की तरफ से लाखों रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
-जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लिए गए खाद्य वस्तुओं के सैंपल्स में से 9 खाद्य वस्तुओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। संबंधित विक्रेताओं और कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले को कोर्ट में भी उठाया जाएगा ताकि कड़ी कार्रवाई हो सके।
-अरुण चौहान, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग सिरमौर
संवाद