गोसवकों ने एसडीएम पांवटा साहिब के माध्यम से जिला उपायुक्त को भेजा ज्ञापन
कहा, चारे की गंभीर समस्या का समाधान नही हुआ तो गोसेवक-गोपालक सड़कों पर उतरेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पिछले दो सप्ताह से पड़ोसी राज्यों से भूसे-तूड़ी की आपूर्ति बाधित चल रही है। अंबाला, नारायणगढ़ व यमुनानगर में आरटीओ ने स्थायी नाका लगा दिया है। चारा नहीं पहुंच पाने से जिला सिरमौर की गोशालाओं में दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। गोसेवक सचिन ओबराय ने बताया कि एसडीएम के माध्यम से समस्या के बारे में जिलाधीश सिरमौर को ज्ञापन भेज दिया गया है। इसमें समस्या का समाधान नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर विरोध करने को चेताया है।
सचिन ओबराय ने कहा कि जिला सिरमौर में गेहूं के भूसे (तूड़ी) की पंजाब और हरियाणा से आपूर्ति होती रही है। पिछले 15 दिनों से आपूर्ति बाधित है। इसका कारण जिला अंबाला के नारायनगढ़ व यमुनानगर में आरटीओ ने स्थायी नाका लगा दिया है। इसके कारण पंजाब से यहां पहुंचने वाले भूसे के ट्रक आगे नहीं जाने दिए जा रहे व जिला सिरमौर में भूसे की आपूर्ति की किल्लत पैदा हो गई है। गोशालाओं में न तो अधिक मात्रा में भूसा स्टोर करने को पर्याप्त जगह है और न ही एकसाथ सालभर का भूसा लेने की आर्थिक स्थिति है। लिहाजा गोपालकों को हर माह भूसे के ट्रक मंगवाने पड़ते हैं।
उपायुक्त सिरमौर से आग्रह किया है कि उपायुक्त अंबाला व यमुनानगर से बात कर इस गंभीर चारा संकट से अवगत करवाया जाए। आरटीओ अंबाला व यमुनानगर तो तत्काल आदेशित करवाएं कि जिला सिरमौर की गोशालाओं में आ रहे इन भूसे के ट्रकों को पहले की तरह से आने-जाने दिया जाए। अन्यथा गाेवंश सहित सभी गोसेवक व गोपालक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।