जिला परिषद की पहली ही बैठक में नए चुनकर आए सदस्यों ने विकास के मुद्दे पर तीखे तेवर दिखाए और जिला प्रशासन से इस संबंध में जवाब भी मांगा। जिला परिषद अध्यक्ष दलीप सिंह चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित पहली बैठक में रामपुर भारापुर से रिकार्ड मतों से जीतकर आई कामरेड संतोष कपूर ने प्रशासन से पूछा कि क्या सरकार धौलाकुआं स्थित पर्वतीय कृषि विज्ञान केंद्र को आईआईएम के नाम पर यहां से बंद करने जा रही है? उन्होंने कहा कि वह धौलाकुआं में आईआईएम का तो स्वागत करते हैं लेकिन किसी भी कीमत पर कृषि विज्ञान केंद्र बंद नहीं होना चाहिए।
इससे नाहन, पांवटा एवं शिलाई विधानसभा क्षेत्र के किसान बागवानों को लाभ मिलता है। क्षेत्र की जनता इसके बंद होने पर आक्रोशित होगी।
कालाअंब वार्ड से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सदस्य विनय कुमार ने सवाल पूछा कि त्रिलोकपुर स्थित मां बालासुंदरी मंदिर ट्रस्ट के करोड़ों रुपये दान का पैसा क्षेत्र के विकास पर खर्च हो न कि सरकारी गाड़ी खरीदने में।
उन्होंने यह भी सवाल खड़ा किया कि मंदिर ट्रस्ट के तहत नियुक्त कर्मचारियों की लिस्ट जिला प्रशासन उन्हें उपलब्ध करवाए क्योंकि मंदिर में जिन लोगों को नौकरी मिली है वह स्थानीय न होकर बाहरी क्षेत्रों से हैं। जबकि स्थानीय लोगों को इसमें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कौंलावालाभूड़ में बस अड्डे के निर्माण की भी मांग उठाई।
साथ ही उन्होंने कहा कि बनेठी एवं जमटा में स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि को नाहन ओपीडी में खर्च कर दिया गया। जबकि इन क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। जिला परिषद की भविष्य में होने वाली बैठक में इसका ब्यौरा भी दिया जाए।
इसके अलावा बनकला से जीतकर आए मनीष चौहान, बाग पशोग से दयाल प्यारी, नौहराधार वार्ड से बेलमंती पुंडीर, माजरा से चैन सिंह, नारग से पूनम ठाकुर, शिल्ला वार्ड से दीपो देवी, ददाहू से श्यामा ठाकुर, भंगानी से अजय मेहता, बद्रीपुर से राम प्रसाद, देवठी से शकुंतला चौहान, संगड़ाह से विजय चौहान, कमरऊ से बाल कृष्ण आदि सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित सवाल पूछे।
इस मौके पर जिला परिषद की उपाध्यक्ष परीक्षा चौहान, एडीसी मनमोहन शर्मा, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा आदि मौजूद थे।