कौलावालाभूड़ पंचायत के निशांत सागर सेना में बने लेफ्टिनेंट
दादा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त, परिवार की तीसरी पीढ़ी करेगी देश की रक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। रगों में दौड़ता देशप्रेम का लहू, सीने में तिरंगा लहराने का जज्बा और दादा-पिता की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने की अटूट जिद। सिरमौर जनपद की कौलावालाभूड़ पंचायत के छोटे से गांव कोटड़ी के निशांत सागर ने भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून की पासिंग आउट परेड में कदमताल करते हुए इतिहास रच दिया है।
निशांत अब भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देंगे। एक छोटे से गांव से निकलकर इस बड़े मुकाम को हासिल करने वाले निशांत की इस कामयाबी ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
जानकारी अनुसार, निशांत सागर के दादा परमानंद ने भारतीय सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा की और सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद निशांत के पिता राम सिंह ने उसी देशभक्ति को जिया और वर्तमान में वह भारतीय सेना में कर्नल जैसे गरिमामयी पद पर देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अब इसी गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कर्नल राम सिंह और माता लता सिंह के बेटे निशांत सागर ने सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। जैसे ही निशांत के कंधे पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजे, कोटड़ी गांव समेत पूरे नाहन क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। निशांत के घर पर बधाई देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निशांत ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी या छोटा गांव आपकी उड़ानों को नहीं रोक सकता।