हाईटेंशन लाइन की चिंगारी गिरने से जली फसल
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राजगढ़ (सिरमौर)। झुलसा देने वाली प्रचंड गर्मी में लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन कुछ लोग पीने के पानी की पाइप लाइन को तोड़ कर अपने खेतों को सींच रहे हैं। राजगढ़ क्षेत्र में पानी की चोरी का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। आईपीएच विभाग ने इस संदर्भ में थाना में शिकायत पत्र सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है जिसके बाद पुलिस ने भी छानबीन शुरू कर दी है।
उपमंडल मुख्यालय राजगढ़ सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को पेयजल आपूर्ति करने वाली कंडानाला-राजगढ़ प्रवाह पेयजल योजना को ग्रामीणों द्वारा सिंचाई के लिए तोड़ने से उपमंडल मुख्यालय में पानी का संकट गहरा गया है। मुख्यालय में पानी की आपूर्ति तीसरे दिन हो पा रही है। आलम यह है कि पुराने बस अड्डे में बना शौचालय पिछले तीन दिनों से पानी नहीं होने के कारण बंद कर दिया गया है। हालांकि, इस योजना के स्रोत में पानी पर्याप्त मात्रा में है लेकिन योजना की मुख्य पाइप लाइन को तोड़कर कुछ लोग खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करवा दी है।
विभाग के सहायक अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि कंडानाला-राजगढ़ प्रवाह पेयजल योजना में पानी पर्याप्त है, लेकिन कुछ लोग रात को इस योजना की पाइप लाइन तोड़कर खेतों को सींच रहे हैं। इससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी वजह से राजगढ़ इलाके में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दिन में तो विभागीय कर्मी नजर रखते हैं लेकिन रात को लोग पाइप तोड़ देते हैं। इस बारे पुलिस को शिकायत की गई है ताकि ऐसे लोगों की पहचान कर एफआईआर दर्ज हो सके।
थाना प्रभारी मोहर सिंह ने कहा कि आईपीएच विभाग से लिखित सूचना मिली है। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है। कहा कि पेयजल योजना को तोड़कर सिंचाई करना कानूनी अपराध है। ऐसा करने वाले के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।