ईपीएफ कार्यालय नाहन से पांवटा साहिब स्थानांतरित किए जाने की सुगबुगाहट
-चैंबर्स ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज कालाअंब और नाहन गौरव विकास संस्था ने क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन भेजकर जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में चल रहे ईपीएफ कार्यालय को पांवटा साहिब में शिफ्ट किए जाने को लेकर उठ रही सुगबुगाहट के बाद संस्थाओं ने मोर्चा खोल दिया है। मामले में जिलेभर के कर्मचारियों व कामगारों को पेश आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
जानकारी के अनुसार चैंबर्स ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज कालाअंब ने ईपीएफओ के क्षेत्रीय अधिकारी शिमला को पत्र लिखा है। चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज कालाअंब के उपाध्यक्ष दीपन गर्ग ने कहा कि उनका संगठन, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय को नाहन से पांवटा साहिब में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के बारे में औपचारिक रूप से आपत्ति व्यक्त करता है।
उन्होंने पत्र में कहा कि इस स्थानांतरण से कर्मचारियों और नियोक्ताओं सहित हितधारकों को काफी असुविधा होगी जो नाहन में ईपीएफओ कार्यालय की ओर से प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि नाहन जिले का मुख्यालय है और अधिकतर कार्यालय यहां हैं। इसके अलावा जिलेभर से लोग अपने कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि नाहन केंद्रीय स्थान पर स्थित है तथा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों और कंपनियों के लिए आसानी से सुलभ है, जिससे यह नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए अधिक सुविधाजनक केंद्र बन जाता है।
इतना ही नहीं नाहन में डीसी ऑफिस, जिला न्यायालय, सचिवालय और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों सहित सभी प्रमुख सरकारी विभाग स्थित हैं। इससे सरकारी कामों का समन्वय और पूरा होना बहुत आसान हो जाता है, क्योंकि ईपीएफ कार्यालय भी नाहन में स्थित है।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब तुलनात्मक रूप से अधिक दूर है और कम केन्द्रीकृत स्थान पर स्थित है, जिसके कारण यात्रा का समय और लागत बढ़ जाती है, जिसका विशेषरूप से लघु और मध्यम उद्यम पर प्रभाव पड़ता है।
ज्ञापन में कहा गया कि नाहन में ईपीएफ कार्यालय को बनाए रखने से सेवाओं के बेहतर एकीकरण में मदद मिलेगी और जिले में प्रशासनिक योजना और व्यापार करने में आसानी होगी।
ऐसे में उन्होंने कार्यालय को नाहन से पांवटा साहिब स्थानांतरित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।
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नाहन गौरव विकास संस्था ने भी भेजा ज्ञापन
उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद नाहन गौरव विकास संस्था ने भी क्षेत्रीय अधिकारी ईपीएफओ शिमला को ज्ञापन भेजा है। संस्था के अध्यक्ष सुधीर कांत रमौल ने कहा कि नाहन जिले का केंद्र बिंदू है, ऐसे में यहां से कार्यालय को शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में पांवटा साहिब व कालाअंब दोनों ही औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें हजारों की संख्या में कामगार काम करते हैं और इपीएफओ से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि कार्यालय नाहन में रहता है तो दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक रहेगा। पांवटा साहिब में कार्यालय के शिफ्ट हो जाने के बाद न केवल कालाअंब बल्कि नाहन सहित जिले के अन्य क्षेत्रों के कामगारों व कर्मचारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि इस मामले में गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।