बीओ सचिन शर्मा की टीम को हाथियों के पदचिह्न मिले
वन बीट के समीप रहने वाले ग्रामीणों को किया अलर्ट : डीएफओ
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से दो हाथियों ने हिमाचल में प्रवेश किया है। वन परिक्षेत्र माजरा की सतीवाला वन बीट में दो हाथियों के पदचिह्न मिले हैं। इसके बाद वन विभागीय टीम ने आसपास रहने वाले रिहायशी क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया है। इससे पहले वन टीम ने विगत 13 अगस्त को भी सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क के साथ लगते सैनवाला के जंगल की ऊंची धारों पर तीन हाथियों को देखा था।
बता दें कि वन मंडल पांवटा साहिब के तहत आने वाले जंगल हाथियों को खूब पसंद आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक दर्जन हाथियों ने पांवटा साहिब घाटी के जंगलों को ही काफी समय से अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है। ये हिमाचल सिंबलवाड़़ा नेशनल पार्क या फिर साथ हरियाणा के कलेसर नेशनल पार्क के जंगलों में घूम रहे हैं। अब फिर से पावटा साहिब में वन विभाग की टीम ने चेतावनी जारी कर दी है। दो अक्तूबर को वन परिक्षेत्र माजरा के बहराल ब्लाॅक की सतीवाला बीट में 2 हाथी साथ लगते राज्य से हिमाचली सीमा मे पहुंच गए हैं। इसके चलते इस बीट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है कि वे सावधानी बरतें।
बीओ सचिन शर्मा ने बताया कि दो हाथियों के पदचिह्न मिले हैं। ऐसा लगता है कि बहराल ब्लॉक की सतीवाला बीट में हाथियों का आगमन हुआ है। कहा कि ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूर बरतें। सनद रहे कि हिमाचल प्रदेश में 2024 में पहली बार प्रोजेक्ट एलीफेंट राज्य के रूप में भी नामित किया जा चुका है। इस योजना के तहत हाथियों से लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कई कारगर कदम भी उठाए जा रहे हैं। माजरा, गिरिनगर में पायलट आधार पर कई प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली 11 एनाइडर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। हाथियों की आवाजाही वाले मार्गों पर समुदायों के साथ बैठकें, गज मित्र की तैनाती, फील्ड स्टाफ के लिए वर्दी और महत्वपूर्ण उपकरण समुदायों के लिए मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण दिया है।
डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश ने कहा कि लोगों को इस बारे में अलर्ट कर दिया गया है। प्रोजेक्ट एलीफेंट हिमाचल प्रदेश के तहत अलर्ट के लिए कैमरा ट्रैप समेत काफी गतिविधियां चलाई गई हैं।
तीन साल में हाथियों के हमले से अब तक दो लोगों की मौत
पिछले तीन वर्षों से अब तक मानव-हाथी संघर्ष में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक कोलर क्षेत्र की महिला व एक शिलाई क्षेत्र का भेड़पालक शामिल है।