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Sirmour News: पांवटा में बढ़ा हाथियों का आतंक, किसानों की फसलें कर रहे चौपट

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-सतीवाला में आम के बगीचे को पहुंचाया नुकसान, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
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-मोतीचूर एलिफेंट कॉरिडोर को हिमाचल तक विस्तारित करने की मांग तेज
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों की बढ़ती आवाजाही किसानों और ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गई है। हाल ही में सतीवाला के जंगल से सटे क्षेत्र में एक जंगली हाथी ने किसानों के आम के बगीचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के लगातार आबादी के करीब पहुंचने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगलों की ओर अकेले न जाने की अपील की है।
वन विभाग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से पांवटा साहिब क्षेत्र में हाथियों की आमद लगातार बढ़ रही है। हाथी रात के समय खेतों और बगीचों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पांवटा साहिब के डीएफओ वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि सतीवाला क्षेत्र से आम के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की शिकायत प्राप्त हुई है। विभाग की टीम मौके पर निगरानी कर रही है और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय एलिफेंट कॉरिडोर में शामिल मोतीचूर कॉरिडोर वर्तमान में मुख्य रूप से उत्तराखंड क्षेत्र तक सीमित है। यह कॉरिडोर शिवालिक की निचली पर्वतमालाओं में हाथियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग माना जाता है। डीएफओ ने कहा कि सिरमौर के जंगलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने वाइल्डलाइफ विंग के माध्यम से इस कॉरिडोर को हिमाचल प्रदेश तक विस्तारित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा है। हाथियों के लिए सुरक्षित आवागमन मार्ग उपलब्ध होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी।
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उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर जंगल की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही हैं। विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक न जाएं, शोर-शराबा न करें तथा रात के समय खेतों और जंगलों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
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