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बच्ची की मौत, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

Sun, 25 Dec 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/पांवटा साहिब
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डाक्टर
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पांवटा अस्पताल में डेढ़ वर्षीय बीमार बच्ची की मृत्यु के लिए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बच्ची को शिलाई अस्पताल से पांवटा रेफर किया गया था।
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शनिवार देर रात सिविल अस्पताल में उसे भर्ती करवाया गया लेकिन, रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उपचार में लापरवाही के चलते उनकी बच्ची इस दुनिया में नहीं रही। उन्होंने मामले को लेकर उचित जांच की मांग की है। जानकारी के मुताबिक गिरिपार के कोटी उतरोऊ निवासी लायक राम अाैर नीलम ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी आरुषी की शनिवार को तबीयत खराब हो गई। उल्टी अाैर बुखार होने पर वह उसे शिलाई अस्पताल ले गए। जहां से उसे पांवटा के लिए रेफर किया गया। वे बच्ची को लेकर रात 10 बजे पांवटा सिविल अस्पताल पहुंचे अाैर बीमार बच्ची को अस्पताल में एडमिट करवा दिया गया।

शाम को तबीयत कुछ ठीक थी। लेकिन, देर रात को तबीयत ज्यादा खराब होने लगी। इसके बाद दंपति ने शिशु वार्ड में कार्यरत स्टॉफ को निरंतर बच्ची की हालत बिगड़ने से अवगत करवाया। साथ ही कहा कि उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, तो फिर रेफर ही कर दो। लेकिन वार्ड में तैनात स्टॉफ ने परिजनों की बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते बीमार डेढ़ वर्षीय बच्ची ने सुबह तक दम तोड़ दिया। इसके बाद नाराज परिजनों तथा गिरिपार के ग्रामीण अस्पताल परिसर के बाहर एकत्र हो गए। गिरिपार क्षेत्र निवासी भरत राणा, बहादुर सिंह, ओम प्रकश, बद्रीपुर पंचायत प्रधान रामलाल शर्मा, यशपाल राणा, शुभम तथा अजय ने बताया कि स्टॉफ की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। इसकी शिकायत पुलिस थाने अाैर सीएमओ सिरमौर से कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उपचार में कोताही नहीं बरती गई है। देर रात निमोनिया से पीड़ित बच्ची को एडमिट किया गया। शाम को प्राथमिक उपचार के बाद हालत ठीक थी। डीएसपी पांवटा भीष्म ठाकुर ने शिकायत दर्ज होने की पुष्टि की है। पीड़ित परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीएमओ सिरमौर को भी अवगत करवा दिया है।
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