मांगे नहीं मानी तो राज्य व्यापी हड़ताल तथा ब्लैक आउट की दी चेतावनी
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड कर्मचारियों का पांवटा में सांकेतिक धरना प्रदर्शन
51 इंजीनियर और 81 चालकों की छंटनी के आदेश रद्द करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को पांवटा के बद्रीपुर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। इसमें 51 इंजीनियरों के पदों को बहाल करने तथा 81 चालकों की छंटनी के आदेश रद्द करने, ओल्ड पेंशन फिर से लागू करने व 2023 में स्वीकृत 1030 पदों को भरने की मांग प्रमुख रही है।
सोमवार को सांकेतिक धरना प्रदर्शन का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष (जनरेशन विंग) भगवान दास व राज्य उपाध्यक्ष (ट्रांसमिशन विंग) सुनील कुमार की ओर से किया गया। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू हो, 2010 के पुनगर्ठन समझौते का पालन किया जाए। कर्मचारियों व पेंशनरों के लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान करें तथा लंबित बिलों और छुट्टी के भुगतान की मांग की गई है।
यदि प्रदेश सरकार व प्रबंधन ने जायज मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं किया तो बिजली बोर्ड कर्मचारी संयुक्त मोर्चा राज्य व्यापी हड़ताल तथा ब्लैक आउट करने से पीछे नहीं हटेगा। इस स्थिति में प्रदेश सरकार और प्रबंधन वर्ग की जिम्मेदारी होगी।
आउटसोर्स प्रदेश इकाई महासचिव राजेश चौहान ने कहा कि संयुक्त मोर्चा की ओर से सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया है। मांगों को लेकर कोई भी सकारात्मक परिणाम नहीं आए है। बिजली बोर्ड से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारी 81 चालकों को वापस रखा जाए। सरकार व विद्युत बोर्ड का आउट्सोर्स कर्मचारी की मांगों पर गंभीरता से ध्यान दें। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बना कर नौकरी की सुरक्षा तय करें।
इस दौरान पेंशनर वेलफेयर संघ प्रधान सतीश गुप्ता, पूर्ण ठाकुर, बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ पांवटा इकाई प्रधान निर्मल सिंह, महामंत्री संजय कुमार, इम्तियाज हाशमी, गिरिनगर इकाई प्रदान हंसराज, ज्वाइंट फ्रंट के इंजीनियर अंशुल ठाकुर, अंकुर भारद्वाज, बलदेव सिंह, अमित, मुकेश कुमार, आउटसोर्स के प्रधान अंकुर, महामंत्री राजेश चौहान समेत बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर, आउटसोर्स कर्मियों और पेंशनरों ने भाग लिया।
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