पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला में देश भर के शोधार्थियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह कार्यशाला जैव प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के सौजन्य से खाद्य अपमिश्रण विषय पर रसायन विभाग ने आयोजित करवाई। वक्ताओं ने गुणवत्ता आश्वासन, गुणवत्ता नियंत्रण में एकीकृत दृष्टिकोण को अपनाने और ब्रांड के बजाय खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देने की बात कही।
मंच का संचालन प्रो. रामलाल तोमर और प्रो. दीपाली भंडारी ने किया। कार्यशाला के अंतिम दिन मुख्य अतिथि चंदन पांडे एचओडी, खाद्य, औषधि प्रबंधन मथुरा और प्राचार्य प्रो. देविंद्रा गुप्ता ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता चंदन पांडे ने खाद्य अपमिश्रण खोज को एक नवीन अभिरुचि के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उद्यमी संजय अग्रवाल ने फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम पर अपने विचार रखे। इससे पूर्व डॉ. ए माधवन निदेशक गुणवत्ता प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा केंद्र, डॉ. अश्वनी राठौर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रिलायंस रिटेल, गुड़गांव, हरियाणा, नाहन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वीना राठौर और प्राचार्य प्रो. देविंद्रा गुप्ता ने अपने विचार रखे। डॉ. ए माधवन ने संतुलित आहार पर प्रकाश डाला। डॉ.अश्वनी राठौर उप प्रधान, रिलायंस रिटेल लिमिटेड गुड़गांव हरियाणा ने डेयरी उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला में खाद्य सुरक्षा विषय पर अपना वक्तव्य दिया। डॉ. अतुल कायस्थ दूध में चीनी, पानी, यूरिया, कीटनाशक, डिटर्जेंट, स्टार्च, मेलामाइन इत्यादि मिलावट के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर चैंबर ऑफ कॉमर्स पावंटा अध्यक्ष सतीश गोयल, उद्यमी संजय अग्रवाल, प्राचार्या डॉ. वीना राठौर, प्राचार्य प्रो. देविंद्रा गुप्ता सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।