न्यूरो रोगियों की 70 लाख की ईईजी मशीन से हो रही जांच
नाहन अस्पताल में अभी तक 400 से अधिक रोगियों को मिला लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नाहन में प्रदेश की प्रथम न्यूरो इलेक्ट्रो फिजियोलॉजी लैब हिमाचल के अलावा साथ लगते पड़ोसी राज्यों के लिए वरदान साबित हो रही है। यहां अभी तक 400 से अधिक रोगियों की जांच की जा चुकी है। इसके बाद उनकी बीमारी की सही जानकारी के बाद इलाज शुरू हुआ है।
बता दें कि यहां दिमाग, नसों तथा मांसपेशियों संबंधी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जहां विशेषकर 20 वर्ष तक के किशोरों के अतिरिक्त व्यस्क मरीजों का इलाज किशोर न्यूरो रोग विशेषज्ञ डाॅ. पवन कुमार कर रहे हैं।
किशोर न्यूरो रोग विशेषज्ञ डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉजेल नाहन में दिमाग, नसों तथा मांसपेशियों की बीमारी से ग्रस्त मरीजों की जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 70 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक वीडियो ईईजी मशीन यहां स्थापित की गई है जो अगस्त 2024 से पूर्ण रूप से क्रियाशील है तथा यहां प्रतिदिन 5-6 ईईजी टेस्ट किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सितंबर माह तक 350 मिर्गी के दौरे संबंधी रोगियो, नसों व मांसपेशियों संबंधी 40 मरीजों, कम सुनने वाले 20 रोगी की (बेहरा) जांच तथा 20 मरीजों जिन्हें दिखाई नहीं देता की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि यहां प्रतिदिन 2-3 छोटे बच्चे जिन्हें मिर्गी के दौरे पड़ते हैं उन्हें दाखिल कर इलाज किया जाता हैं जबकि 20-25 न्यूरो संबंधी मरीज ओपीडी में आते हैं।
डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि नाहन मेडिकल कॉलेज में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, हरियाणा तथा पंजाब के न्यूरो रोग से ग्रस्त मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
पंजाब जलालाबाद निवासी संदीप कुमार का कहना है उनका 2 साल का बेटा यशदीप जन्म से ही न्यूरो रोग से ग्रस्त है जिसके हाथों में कंपन होती थी। यशदीप का इलाज अनेको चिकित्सालयों में करवाया जहां वह ठीक नहीं हुआ। वह बताते हैं कि उन्हें ज्ञात हुआ कि नाहन मेडिकल कॉलेज में न्यूरो रोग की जांच तथा उपचार सुविधा उपलब्ध है तब वह 6 माह से यशदीप का यहां इलाज करवा रहे हैं। यहां उनके बेटे को पचास फीसदी से अधिक स्वास्थ्य लाभ हो रहा है। इसके लिए उन्होंने हिमाचल सरकार तथा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है।