-उपमंडल पांवटा साहिब व आसपास के क्षेत्रों में किसान चिंतित
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की फसलें मुर्झाने लगी हैं तो वहीं बिजाई का कार्य भी रुका हुआ है। ऐसे में किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
बता दें कि क्षेत्र में गन्ना कटाई के बाद होने वाली गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई है। बीते 25-26 सितंबर को हुई बारिश के बाद करीब तीन महीने बीत चुके हैं। किसान अपनी खेती के लिए आसमान पर टकटकी लगाए हुए हैं। हाल ही में उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात हुआ तो आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है, लेकिन यहां बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी।
पांवटा व धौलाकुआं में 30 प्रतिशत उपजाऊ जमीन बारिश पर ही निर्भर है। ऐसे में असिंचित क्षेत्रों में यहां के किसान बरसात से ही खेतों की नमी कर नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बिजाई में जुट जाते हैं। ऐसे में बिजाई के 22 दिन बाद गेहूं की सिंचाई की सख्त जरूरत होती है। कुछ क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई को करीब दो महीने हो रहे हैं। किसानों ने बताया कि बिना बारिश खेतों में अगेती किस्म बीज की तैयार फसल खेतों में ही मुर्झाने लगी है।
क्षेत्र के किसान दर्शन सिंह, मुकेश कुमार, रणजीत, कोमल चौधरी आदि ने बताया कि हाल ही में उन्होंने गन्ना की फसल की कटाई के बाद गेहूं की बिजाई करनी थी वहां बिना बारिश से खेत बंजर हो गए हैं। हालांकि क्षेत्रों में 70 प्रतिशत जमीन में निजी व सरकारी सिंचाई योजनाओं से सिंचाई जारी है जबकि असिंचित क्षेत्रों में फसल पर असर पड़ा है और फसल पीली पड़ने लगी है।
-किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहिए। अगर फसल प्राकृतिक आपदा से खराब होती है तो इस स्थिति में उनका कम नुकसान होगा।
-डा. पंकज मित्तल, प्रभारी केवीके, धौलाकुआं