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Sirmour News: गर्मी बढ़ने से चर्म रोगों के मरीज बढ़े

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मेडिकल कॉलेज नाहन समेत जिले के अस्पतालों में ओपीडी बढ़ी
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दाद, खाज, संक्रमण और लाल चकत्तों से हो रहे पीड़ित

डॉक्टरों की धूप से बचाव और भरपूर पानी पीने की सलाह

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही चर्म रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। मेडिकल कॉलेज नाहन समेत जिले के अन्य अस्पतालों में त्वचा रोग संबंधी ओपीडी लगातार बढ़ रही है।
लोग दाद, खाज, फंगल संक्रमण, त्वचा पर लाल चकत्ते और एलर्जी जैसी समस्याओं से परेशान होकर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन में चर्म रोग विभाग की ओपीडी में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां रोजाना 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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इनमें सबसे अधिक मरीज त्वचा संक्रमण, खुजली, घमौरियां और लाल चकत्तों की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कई मरीजों के शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल रहे हैं, जिनमें लगातार खुजली की समस्या बनी हुई है। कमोबेश यही स्थिति पांवटा साहिब अस्पताल की भी है। यहां भी गर्मी बढ़ने के साथ त्वचा रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार गर्मी, पसीना, धूल और उमस के कारण बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और बढ़ती अल्ट्रा वॉयलेट किरणों का असर त्वचा पर सीधे तौर पर पड़ता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे सूर्य की किरणों से होने वाली एलर्जी के मामले भी बढ़ने लगते हैं। इससे चेहरा लाल पड़ना, त्वचा पर जलन होना और शरीर पर लाल दाने निकलने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार कौशिक ने बताया कि इन दिनों मेडिकल कॉलेज में चर्म रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों को उपचार के साथ-साथ बचाव के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। इस दौरान अल्ट्रा वॉयलेट किरणों का प्रभाव सबसे अधिक रहता है।
उन्होंने सलाह दी कि गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी लाभदायक रहता है। इसके अलावा लोगों को सूती और हवादार कपड़े पहनने चाहिए, ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे और संक्रमण का खतरा कम हो। विटामिन-सी युक्त फल और खाद्य पदार्थों का सेवन भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। चिकित्सकों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
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गर्मी के मौसम में बढ़ रही बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में दवाइयों, ओआरएस और अन्य जरूरी संसाधनों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. राकेश प्रताप, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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