स्थानीय विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ शनिवार को आयोजित बैठक के बाद बताया कि नाहन विधानसभा क्षेत्र के तहत आधा दर्जन पुलों की स्वीकृति नाबार्ड से हो चुकी है। जबकि कुछ पुलों की स्वीकृति होनी अभी बाकी है।
उन्होंने यहां जारी बयान में बताया कि भाजपा और उनके लंबे संघर्षों के बाद सुंकर खड्ड का पुल, मंडी खाला पुल एवं कौंथरों पुल की डीपीआर करीब 9.50 करोड़ की स्वीकृत करवाई जा चुकी है। जबकि गुलाबगढ़ व बाता पुल की डीपीआर बनाई जा रही है। इसके अलावा शंभूवाला, बनकला, अंधरी-रूणका पुल, सलानी-मारकंडा के पुलों की डीपीआर भी स्वीकृत हो चुकी है। इन सभी पुलों की स्वीकृति विधायक प्राथमिकता में नाबार्ड से हुई है।
अभी शंभूवाला पुल एवं नीमवाली पुल की डीपीआर शीघ्र बनानी होगी। उन्होंने कहा कि अभी तक 30 करोड़ 41 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि जिन सड़कों की डीपीआर लंबित है उनमें पुड़ला लिंक रोड़, कौंलावालाभूड़, नीमवाली सड़क, अपर जामली, बड़ों-कठाणा सड़क, तालों, झाझड़, आरवाली, रेन पीरगड़ी, अपर सुरला-बकारला, कोलर, जामनीवाला-खादरी बस्ती, जमटा-नावणी, खजूरना-ढांकवाली सड़कें वन विभाग की परमिशन के कारण अभी तक लंबित पड़ी है। उन्होंने बताया कि जिन सड़कों की डीपीआर बन चुकी है उनमें खजूरना-बिक्रमबाग-कालाअंब 16.67 करोड़, कोलर-बिलासपुर सड़क 13.77 करोड़ के अलावा शिल्ली-शनाड़ी, मात्तर-भेड़ों आदि की डीपीआर बन चुकी है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि वन विभाग की अनुमति के मामले लंबे समय से लंबित है। सड़कों का निर्माण जल्द हो इसके लिए राजस्व विभाग, वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्य करना होगा।