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चीनी सामान के बहिष्कार करेंगे

Tue, 04 Oct 2016 10:57 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
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नाहन(सिरमौर)। भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चीन द्वारा जिस तरह से पाकिस्तान का समर्थन करते हुए ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोका गया उससे भारतीयों का गुस्सा चरम पर है। गुस्साए लोग अब चीनी सामान के बहिष्कार की बात करने लगे हैं। दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही यह बहस और तेज हो गई है।
 लोगों के जज्बे को देख ‘अमर उजाला’ ने स्थानीय लोगों से बात की। सराहां निवासी प्रकाश ठाकुर ने बताया कि चीन भारत विरोधी रवैया अपनाए हुए है। जबकि भारत के बाजार में चीन की सस्ती लाइटें सजी हुई हैं। ऐसे में भारतीयों को चाहिए कि वह चीनी सामान को न खरीद कर मिट्टी के दीयों से घर रोशन करें। इससे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी चीन को सबक भी मिलेगा।
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युवा नवीन ठाकुर ने बताया कि देश में प्राचीनकाल से मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा है। इससे अर्थव्यवस्था मजबूत रहती थी। उन्होंने कहा कि लोगों को इसी परंपरा का निर्वाह कर स्वदेशी सामान उपयोग में लाना चाहिए। इससे गरीब वर्ग को भी लाभ पहुंचेगा। वहीं चीन को कड़ा सबक भी मिलेगा।

वहीं निशा अग्रवाल ने बताया कि लोग इस दीवाली को मिट्टी के दीयों का उपयोग करें इसके लिए मैं बहुत पहले से जागरूकता अभियान चलाए हुए हूं। यदि कोई व्यक्ति मिट्टी के दीयों को खरीदता है तो देश का पैसा देश में ही रह जाता है। कई दूसरे धंधे भी इससे जुड़ जाते हैं। मान लीजिए कि किसी ने बाजार से दीया खरीदा, तो उसे जलाने के लिए रूई और सरसों का तेल या घी भी खरीदेगा। ऐसे में अन्य देशवासियों को भी इसका लाभ मिलेगा। जबकि चीनी सामान खरीदने से सिर्फ विदेशी कंपनी व बाहरी देश को ही लाभ पहुंचता है। इसलिए हर भारतीय मिट्टी के दीयों व स्वदेशी सामान ही उपयोग में लाए।
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वहीं राकेश गर्ग ने बताया कि चीन को सबक सिखाने के लिए उसकी अर्थव्यवस्था तोड़नी आवश्यक है। भारतीय बाजार से चीन हजारों करोड़ कमा कर भारत के खिलाफ ही काम कर रहा है। यदि भारतीय इस सामान का बहिष्कार कर दें तो चीन के होश ठिकाने आ जाएंगे। वहीं स्वदेशी अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
 
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