ग्राउंड रिपोर्ट)
पांवटा अस्पताल में आर्थो, ईएनटी, शिशु रोग, एमडी मेडिसन और त्वचा रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में रोज 600 से अधिक रहती है ओपीडी
सुरेश तोमर/अश्वनी रॉय
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में स्वास्थ्य सेवाएं स्टाफ की भारी कमी के चलते चरमराने लगी हैं। 150 बिस्तरों की क्षमता वाले इस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पांच पद और स्टाफ नर्सों के 27 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इसके बावजूद अस्पताल में रोजाना औसतन छह सौ से अधिक ओपीडी पहुंच रही है, जिससे मरीजों को उपचार में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि पर्याप्त डॉक्टर न होने के कारण कई मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते वायरल फीवर, खांसी, जुकाम और एलर्जी के मरीजों की संख्या अधिक बनी हुई है।
तीमारदार रेखा, बबीता, रीना, सरिता, राहुल, ममता, रफाकत अली, सोहन लाल, मधुमिता और अर्चना ने बताया कि इन दिनों छोटे बच्चों में बीमारियां बढ़ रही हैं, लेकिन अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने के कारण उन्हें अपने बच्चों प्रियांशू, लवली, इमरान, सोनम और मनीषा को लेकर बद्रीपुर, वाई प्वाइंट व अन्य निजी क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ रहा है।
ग्रामीण हरभजन सिंह, प्रशांत, राहुल चौधरी, सलमान और अर्जुन सिंह ने बताया कि अस्पताल में ईएनटी (नाक, कान, गला), शिशु रोग, एमडी मेडिसिन, त्वचा रोग और आर्थो (हड्डी रोग) विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं। इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट भी लंबे अवकाश पर चले गए हैं, जिससे जांच सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। बता दें कि यह अस्पताल जिले के लगभग आधे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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इनसेट-1
वायरल व एलर्जी के मरीज अधिक
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में रोजाना छह सौ से अधिक ओपीडी पहुंच रही है। इनमें अधिकतर मरीज वायरल फीवर, एलर्जी, उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम के हैं। मरीजों को दवाइयों के साथ परहेज की सलाह भी दी जा रही है।
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इनसेट-2
उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
अस्पताल प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों समेत कर्मचारियों के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण इस अस्पताल में स्टाफ की कमी अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। संवाद
पांवटा अस्पताल में उपचार के लिए कतार में खड़े लोग। संवाद