पांवटा अस्पताल में सोमवार को अवकाश दिन आपातकाल कक्ष के बाहर इलाज के लिए लगीं मरीजों की लाइन। संवा
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पांवटा साहिब (संवाद)। पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में सोमवार को अवकाश के दिन भी मरीजों का तांता लगा रहा। अमूमन इमरजेंसी में गंभीर मामले ही देखे जाते हैं लेकिन सोमवार को तैनात वरिष्ठ डॉक्टर और स्टाफ ने आसपास पहुंचे किसी भी मरीज को हताश होकर वापस नहीं लौटने दिया।
दोपहर 11:54 बजे सिविल अस्पताल में आम दिनों की तरह मरीजों की बरामदे में चहल-पहल दिखी। सोमवार को अवकाश होने पर तीनों मंजिल पर बैठने वाले चिकित्सक, पर्ची कक्ष व लैब में ताले थे। अस्पताल की एक लिफ्ट नहीं चल रही थी। दूसरी लिफ्ट से तीमारदारों और एक स्टाफ सदस्य को महिला व पुरुष भर्ती वार्ड की तरफ जाते हुए देखा।
दोपहर 12:07 बजे महिला व पुरुष मरीज भर्ती वार्ड में पहुंचे। पुरुष वार्ड में एक मरीज व महिला वार्ड में 10 मरीज भर्ती थे। इसके साथ ही करीब 13 तीमारदार मरीज को दवा खिलाते पाए गए। दो तीमारदार स्टाफ नर्स सविता ठाकुर से मरीज की बीच बीच में ज्यादा तबीयत खराब होने व दवा देने के समय बारे में बात करते हुए नजर आए।
इमरजेंसी में डॉक्टर राजीव चौहान मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर रहे थे। लाइन में लगे मरीजों में बुखार, उलटी दस्त व चक्कर आने वाले मरीज थे। करीब एक बजे तक गंभीर मरीजों के साथ ही ऐसे करीब 84 मरीजों के स्वास्थ्य जांच कर दवा लिखी जा चुकी थी।
राकेश, सुनीता व पदम ने बताया कि वह दूर दराज गांव से पहुंचे थे इन्हें अवकाश की जानकारी नहीं थी। चार बजे तक 100 मरीजों के स्वास्थ्य जांच कर दवा लिखी गई।
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. राजीव चौहान ने कहा कि सोमवार को सरकारी अवकाश था। केवल इमरजेंसी ही खुली थी। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी गई। इसके अलावा सामान्य रोगियों की जांच भी की गई।
पांवटा अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में उपचाराधीन मरीज। संवाद- फोटो : NAHAN