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Sirmour News: जिले में बाल विज्ञान कांग्रेस 15 से, नन्हे वैज्ञानिक दिखाएंगे हुनर

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उपमंडल स्तर पर होंगे मुकाबले, ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
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सात स्थानों पर होंगे मुकाबले, जिला स्तर पर विज्ञान मॉडल से साइंस स्किट तक होंगी प्रतियोगिताएं
16-17 अक्तूबर को नाहन में जिला स्तरीय आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का जिले के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। उपमंडल स्तर की प्रतियोगिताओं का आगाज 15 सितंबर से होगा। ऑनलाइन पंजीकरण के बिना विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी।
कार्यवाहक शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक राजीव ठाकुर ने बताया कि पांवटा साहिब में 15 और 16 सितंबर को गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल में प्रतियोगिता होगी। कफोटा, नाहन, राजगढ़, संगड़ाह, सराहां और शिलाई में 18 और 19 सितंबर को प्रतियोगिताएं होंगी। जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस 16 और 17 अक्तूबर को पीएमश्री जीएसएसएस नाहन में आयोजित की जाएगी।
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बाल विज्ञान कांग्रेस में विज्ञान क्विज, इनोवेटिव विज्ञान मॉडल, साइंस एक्टिविटी कॉर्नर और मैथेमेटिकल ओलंपियाड आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर साइंटिफिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट और साइंस स्किट भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगी। इनोवेटिव साइंस मॉडल, वैज्ञानिक परियोजना रिपोर्ट और साइंस स्किट की मुख्य थीम ‘स्थायित्व के लिए विज्ञान और नवाचार’ है।
विज्ञान क्विज को जूनियर, सीनियर और सीनियर सेकेंडरी वर्ग में बांटा है। आठ से अधिक टीमें होने पर 45 मिनट की स्क्रीनिंग परीक्षा होगी। इसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से 10-10 प्रश्न पूछे जाएंगे। स्क्रीनिंग के बाद शीर्ष आठ टीमें अंतिम चरण में पहुंचेंगी।
इनोवेटिव साइंस मॉडल में विद्यार्थी विज्ञान एवं नवाचार से स्थायित्व से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर आधारित मॉडल प्रस्तुत करेंगे। साइंटिफिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तरीके से किसी विषय का अध्ययन कर उसके निष्कर्ष और समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साइंस स्किट से विद्यार्थी वैज्ञानिक विषयों को रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इसमें जैव विविधता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं।
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मैथेमेटिकल ओलंपियाड में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और इसमें नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रहेगा। प्रतियोगिताओं में शहरी और ग्रामीण वर्गीकरण नहीं होगा। एक विद्यार्थी केवल एक ही प्रतियोगिता में भाग ले सकेगा। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से पात्र विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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