मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वीरवार को गिरीपार क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध मां भंगायणी मंदिर में आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर शीश नवाया। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व प्रदेशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
मां भंगायणी मंदिर सेवा समिति की ओर से मकर संक्रांति के लिए मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर समिति की और से उचित प्रबंध किए गए। बाबा बर्फानी संस्था नाहन की ओर से मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भंगायणी मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।
इसके अलावा गिरीपार के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नौहराधार क्षेत्र के शिरगुल मंदिर गेलियों, बिजट मंदिर देवना, पजांह व बांदल, खलोग देवता मंदिर पिडियाधार, बिजाई माता मंदिर बढ़ोल, कुचियाट मंदिर पजांह, शिव मंदिर नैनीधार, महासु मंदिर द्रबिल, शिरगुल मंदिर रनवा के अलावा भलौना, डाहर, सिद्वोटी, कोटी बोंच, पनोग व धारवा समेत दर्जनों मंदिरों में सुबह से ही अपने कुल देवी देवताओं के दर्शन के लिए मंदिरों में लोग पहुंचे।
मां भंगायणी मंदिर सेवा समिति प्रबंधक मोहर सिंह राणा ने बताया कि मगर संक्रांति पर लगभग आठ हजार से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए हरिपुरधार के मंदिर पहुंचे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए समिति ने मंदिर के अंदर व बाहर 8 निजी सुरक्षा गार्डों को तैनात किया था। मंदिर परिसर में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है।
-5 डिग्री तापमान में चूड़धार में किया स्नान
खराब मौसम के बावजूद दर्जनों श्रद्धालु मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान करने के लिए समुद्रतल से करीब 11900 फुट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार मंदिर पहुंचे। जहां -5 डिग्री के तापमान के बीच चूड़धार में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने चूड़धार के प्रसिद्ध शिरगुल देवता के दर्शन किए। चूड़धार में पिछले दो महीने के भीतर तीन बार बर्फबारी हो चुकी है। रास्ते में कई स्थानों पर अभी भी बर्फ जमी हुई है।
ट्रैफिक जाम से श्रद्धालु परेशान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने व बाहरी राज्यों से भारी संख्या में गाड़ियों के आने से हरिपुरधार बाजार में दिन में दिनभर ट्रैफिक जाम लग गया। नाहन व सोलन की और से आने वाले श्रद्धालुओं के जाम में फंसने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाजार से मंदिर तक लगभग दो किमी लंबी संकरी सड़क पर यात्रियों को जाम की परेशनियों से जूझना पड़ा।