पांवटा साहिब (सिरमौर)। देहरादून से पांवटा एनएच-07 चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस बीच बद्रीपुर चौक से वाई प्वाइंट तक कुछ वर्ष पहले लगे लोहे के डिवाइडरों को हटाया गया। इसको हटाने और बेचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट चतर सिंह और पार्षद डॉ. रोहताश नांगिया ने जिलाधीश सिरमौर को पत्र भेजकर इस मामले की उचित जांच की मांग की है।
आरटीआई एक्टिविस्ट चतर सिंह और पार्षद डॉ. रोहताश नांगिया का कहना है कि कुछ वर्ष पहले एनएच-07 पर बद्रीपुर चौक से वाई प्वाइंट तक लगे लोहे के डिवाइडर लगे थे। सीएसआर योजना में एक स्थानीय दवा इकाई और नगर परिषद के बजट से डिवाइडर लगे थे जिनका वजन कई टन था जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।
एनएच प्राधिकरण ने विस्तारीकरण के दौरान हटवाने और कटवाने को लेकर नप को पत्र लिखा। नगर परिषद ने बिना पूरी प्रक्रिया के स्क्रेप सस्ते दामों में बेच दिया है। उधर, पांवटा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने कहा कि एनएच सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है जिसमें लोहे के डिवाइडर काटने का काम शुरू हो गया। एनएच पर जानलेवा हादसों की आशंका को देखते हुए फैसला लिया। मौके पर कुटेशन के आधार पर उच्च दाम वाले को कार्य दिया। लोहे के डिवाइडर में किसी तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ है। इधर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव अनिंद्र सिंह नोटी ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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सुरेश तोमर
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