आईएस ने उद्योगों, एमएसएमई और ज्वेलर्स को प्रमाणन प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों की दी जानकारी
उत्कृष्ट अनुरूपता प्रदर्शन करने वाली औद्योगिक इकाइयों और मानक क्लबों के संरक्षकों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) देहरादून शाखा की ओर से विश्व मानक दिवस के अवसर पर कालाअंब में मानक महोत्सव के तहत हितधारक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में उद्योगों, एमएसएमई, बीआईएस लाइसेंसधारी और गैर-लाइसेंसधारी इकाइयों, ज्वेलर्स, उद्योग संघों और मानक क्लबों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में गुणवत्ता सुधार, भारतीय मानकों, बीआईएस प्रमाणन और परीक्षण आवश्यकताओं को लेकर जानकारी साझा की गई।
बीआईएस देहरादून शाखा के संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी ने बीआईएस की विभिन्न पहलों, इन-हाउस टेस्टिंग सुविधाओं में उपलब्ध छूट और तीसरे पक्ष की निगरानी से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से भारतीय मानकों के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित करने और बीआईएस के दिशा-निर्देशों का प्रभावी अनुपालन करने की अपील की।
संयुक्त निदेशक पीयूष प्रकाश ने बीआईएस और बीआईएस अधिनियम से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए मार्किंग फीस में रियायत समेत बीआईएस की ओर से उपलब्ध विभिन्न सहायता उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योगों को गुणवत्ता को उत्पादन प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए भारतीय मानकों का पालन करना चाहिए।
बीआईएस प्रभारी सरिता त्रिपाठी ने कहा कि मानकीकरण केवल प्रमाणन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उपभोक्ताओं का विश्वास और उद्योगों की विश्वसनीयता मजबूत होती है। उद्योगों, एमएसएमई और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को और मजबूत किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट अनुरूपता प्रदर्शन करने वाले बीआईएस लाइसेंसधारी उद्योगों और मानक क्लबों के संरक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्वेलर्स और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ गुणवत्ता, मानकों के अनुपालन और भविष्य की मानकीकरण संबंधी जरूरतों पर भी चर्चा हुई। हितधारकों ने बीआईएस की पहल और प्रमाणन प्रक्रिया को उपयोगी बताते हुए गुणवत्ता आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने में सहयोग का भरोसा दिया।