नाहन (सिरमौर)। जेएमआईसी अदालत ने कालाअंब की एक कंपनी की पाइपों की सप्लाई में लाखों रुपये की हेराफेरी के मामले में तीन व्यक्तियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत में आरोप साबित होने पर न्यायाधीश मनीषा गोयल ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में दोषियों को तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 कालाअंब में लोहे की पाइपें बनाने का कार्य करने वाली एक कंपनी ने एक ट्रक में लगभग सवा नौ लाख रुपये की पाइपें फरीदाबाद के लिए भेजी थी। ट्रक के माध्यम से भेजी गई पाइपें फरीदाबाद नहीं पहुंच पाई। इस संदर्भ में कंपनी की ओर से थाना कालाअंब में शिकायत दर्ज करवाई गई। इसके बाद तफ्तीश हुई तो मामला हेराफेरी का पाया गया।
पुलिस ने सात फरवरी 2014 को इस मामले में संजय निवासी नारायणगढ़ (हरियाणा), हरिंद्र निवासी भुवाई (हरियाणा), कृष्ण कुमार निवासी भुवाई हरियाणा और महावीर प्रसाद निवासी हिसार (हरियाणा) के खिलाफ भादंसं की धारा 407, 420, 468, 471, 411 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत में सरकारी अधिवक्ता रूमेंद्र बैंस ने मामले की पैरवी की।
एसएचओ कालाअंब योगेंद्र सिंह के अनुसार इस मामले में ट्रक का तमाम माल तीनों आरोपियों ने बीच रास्ते में ही बेच दिया था। लगभग सवा नौ लाख रुपये का यह सामान महावीर प्रसाद को बेचा गया। पुलिस ने चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद छानबीन की तो यह भी पाया गया कि आरोपियों ने ट्रक के जो दस्तावेज फैक्ट्री में दिए थे, वह भी फर्जी पाए गए।
शनिवार को अदालत ने संजय, हरिंद्र और कृष्ण कुमार को भादंसं की धारा 407 के तहत दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई। सरकारी अधिवक्ता रूमेंद्र बैंस ने बताया कि आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना नहीं देने की सूरत में उन्हें तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।