नाहन (सिरमौर)। त्रिलोकपुर स्कूल में चल रहे एनसीसी के कैंप में पहुंचे कैडेट्स अचानक बीमार हो गए हैं। 30 कैडेट्स के बीमार होने से सनसनी फैल गई है। मौके की गंभीरता को देखते हुए डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर जाना पड़ा। फिलहाल कैडेट्स का स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा है। सभी कैडेट्स नौंवी से दसवीं कक्षा के बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय मंदिर परिसर में आयोजित कैंप के दौरान बच्चों को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत हुई। कैडेट्स की तबीयत बिगड़ते देख एनसीसी व स्कूल प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। इसके बाद नाहन अस्पताल से डॉ. विनोद सांगला व फार्मासिस्ट चेतन गुप्ता की टीम मौके पर पहुंची।
बच्चों के उपचार के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाइयां भी बांटी। टीम ने स्कूल के कमरों, खाने-पीने की व्यवस्था व अन्य सुविधाओं का जायजा भी लिया। भीषण गर्मी के कारण बीते दो दिन से बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। त्रिलोकपुर क्षेत्र में इन दिनों तापमान भी 38 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि गर्मी की वजह से ही कैडेट्स बीमार हुए होंगे।
सोमवार को कैडेट्स का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण एनसीसी के आर्गेनाइजर ने सीएमओ सिरमौर को सूचित किया। इसके बाद सीएमओ ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पाया कि ठंडे इलाकों में रहने वाले बच्चे मैदानी क्षेत्र की गर्मी सहन नहीं कर पा रहे हैं। टीम के अनुसार कैडेट्स का भोजन खुले में बन रहा है। वहीं कमरों में वेंटिलेशन की भी उचित व्यवस्था न के बराबर है। एनसीसी की एक्सरसाइज दिन के समय होने के कारण बच्चों का स्वास्थ्य और बिगड़ रहा है।
डॉ. विनोद सांगला ने बताया कि सभी बच्चों का स्वास्थ्य जांचा गया है। जांच के दौरान पाया कि लू व अन्य कारणों से कैडेट्स का स्वास्थ्य बिगड़ा है।
उन्होंने आर्गेनाइजर को सलाह दी कि कैडेट्स की एक्सरसाइज सुबह 10 बजे से पहले की जाए। खाना-पीने की व्यवस्था का ध्यान रखा जाए। कमरों में बड़े पंखे लगाए जाएं। साफ-सफाई व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाए। संभव हो सके तो एनसीसी कैंप ठंडे इलाके में लगाए जाएं।
उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि सोमवार को एनसीसी कैडेट्स के बीमार होने की सूचना मिली थी। इसके बाद डॉक्टरों की टीम मौके पर रवाना की गई। मौके पर उपचार के बाद बच्चों का स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा है।