नाहन/ पांवटा (सिरमौर)। नोटबंदी का असर बाजार में अभी भी देखने को मिल रहा है। रविवार को तमाम बैंक बंद होने से भले ही बैंकों में कामकाज नहीं हुआ। पैसे निकालने के लिए जिला के एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं लेकिन अधिकतर एटीएम बंद होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में तो एटीएम की सेवाएं लगभग बंद ही कर दी गई हैं। जबकि शहरों में लगे एटीएम में भी 50 फीसदी से अधिक बंद पड़े हुए हैं।
नाहन में रविवार को लोगों को एटीएम के चक्कर लगाते हुए देखा गया। कोई बाइक पर तो कोई पैदल ही एटीएम जा रहा था लेकिन एक के बाद एक एटीएम बंद होने के कारण लोगों को मायूसी हाथ लगी। रविवार को एसबीआई, सेंट्रल बैंक, युको बैंक के एक-एक एटीएम ही चालू देखे गए। जबकि शहर में लगे आधा दर्जन से भी अधिक एटीएम बंद थे या कैश नहीं था।
पंजाब नेशनल बैंक और सहकारी बैंक का एटीएम को नोटबंदी के बाद से ही बंद पड़ा हुआ है। यहां एटीएम के शटर डाउन कर दिए गए हैं। एसबीआई के एटीएम में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। सुबह से ही लोग यहां लाइन में खड़े देखे गए। लोग आते गए और लाइन बढ़ती गई। शाम तक इस एटीएम के बाहर ऐसी ही लाइन लगी हुई थी।
लाइन में खड़े शहर के विक्रांत ठाकुर ने बताया कि वह लगभग दो घंटे से लाइन में खड़े हैं। शहर के विभिन्न बैंकों में जाकर उन्होंने कैश निकालने की कोशिश की लेकिन कैश उपलब्ध नहीं हो सका। कैश तो मिला नहीं उल्टा समय बर्बाद हो गया।
रोहित के अनुसार उन्होंने सभी बैंकों के एटीएम चेक किए। कइयों के शट्टर बंद थे तो कइयों में कैश ही उपलब्ध नहीं था जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुनील, पंकज, आयूष, सुनीता, दिव्या ने बताया कि कई एटीएम बंद थे जो चालू हालत में थे उनके बाहर लाइन इतनी लंबी थी कि वह पैसे नहीं निकाल पाए।
उधर, पांवटा शहर में भी ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां भी शहर में लगे विभिन्न बैंकों के एटीएम में से 50 फीसदी से ज्यादा बंद पाए गए जिससे गुरु की नगरी में आए श्रद्धालुओं और आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।