पांवटा साहिब (सिरमौर)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गिरिपार के जाखल गांव में अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने के दोषी को उम्रकैद तथा 10 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। विगत वर्ष 20 मई 2015 को यह सनसनीखेज वारदात हुई थी जिसमें पति ने अपनी पत्नी के सिर पर पत्थरों से वार कर हत्या कर दी थी। एसएचओ शिलाई रामचंद्र ने इस मामले की तहकीकात के बाद चालान तैयार कर कोर्ट में पेश किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हंस राज की अदालत ने मुलजिम सूपा राम पुत्र सुख राम निवासी जाखल, थाना शिलाई को आईपीसी की धारा-302 के तहत उम्रकैद की कठोर सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने बताया कि 19 मई 2015 को घटना हुई, जिसमें मुलजिम के बेटे विरेंद्र सिंह ने शिलाई पुलिस थाने में शिकायत की दी कि 19 मई को उसकी माता ने बताया कि मुलजिम पति सुपा राम ने उसके साथ मारपीट की है। इस बारे पिता से पूछने पर पिता ने दोबारा ऐसा नहीं करने का विश्वास दिलाया था। रात के समय तीनों ने खाना भी साथ खाया।
अगले दिन 20 मई 2015 को मुलजिम ने अपने बेटे को गांव जाखल में उसकी माता को मेडिकल चेकअप करवाने के लिए पैसों का इंतजाम करने भेज दिया। बेटा अपने पिता के कहने पर गांव जाखल में चाचा सूरत सिंह को मिला। सूरत सिंह ने कहा कि मैं पैसों का इंतजाम कर दूंगा। फिर दोनों वापिस गांव चल पड़े। जब सुबह साढ़े 9 बजे विरेंद्र सिंह व उसका चाचा गौशाला के समीप पहुंचे तो माता को खून से लथपथ हालत में खेत में पड़ा देखा। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। समीप ही दो खून से सने हुए पत्थर भी पड़े थे। जब दोनों ने सूपा राम को पूछा तो उसने साफ कहा कि मैंने तुम्हारी माता की हत्या कर दी है। इसके बाद शिलाई थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई। एचएचओ शिलाई रामचंद्र ने इस मुकदमे की तहकीकात की।
मामले की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने कहा कि तहकीकात के बाद मुलजिम दोषी पाया गया। पुलिस जांच टीम ने चालान तैयार कर अदालत में पेश किया। दोष सिद्ध होने पर न्यायालय द्वारा मुलजिम को सजा सुनाई गई।