नौहराधार (सिरमौर)। नौहराधार तहसील की भराड़ी पंचायत में एक तेंदुए ने भेड़-बकरियों के डेरे पर अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान तेंदुए ने 20 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। इससे डेरे के मालिक को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार भराड़ी पंचायत के क्यारी गांव में शनिवार की रात को जुब्बल निवासी मिंटू के डेरे पर तेंदुए ने ओबरे की छत उखाड़ कर लगभग 150 बकरियों पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने मौके पर ही 20 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया।
रविवार सुबह मिंटू को गौशाला में बकरियां मृत अवस्था में मिली।
इसके बाद मिंटू ने इसकी जानकारी वन विभाग नौहराधार को दी है। बताया जा रहा है कि पशुपालक मिंटू ने क्यारी गांव के समीप चंद्र सिंह की जमीन पर पिछले काफी समय से अपना डेरा जमाया है। उसने सभी बकरियां चंद्र सिंह के गौशाला में रखी थीं जहां तेंदुए ने बकरियों पर हमला बोल दिया।
भराड़ी पंचायत के प्रधान चंद्रमोहन सिंह ने वन विभाग से पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है। इससे पहले तेंदुए ने भंगाड़ी गांव में भी 4 बकरियों, एक घोड़ा व एक बछड़ी को अपना शिकार बनाया है। इसी तरह क्षेत्र के चडनाई, उलाना व सोतानी आदि क्षेत्रों में भी तेंदुए ने आतंक मचाया हुआ है। लोगों में तेंदुए का खौफ इतना अधिक है कि महिलाओं को जंगल से घास पत्ती लाने में भी डर सताने लगा है। ग्रामीण दलीप सिंह, सुभद्रा देवी कमल नयन, सतीश, सुनील कमलेंद्र व दिनेश आदि ने बताया कि वन विभाग को लिखित रूप से शिकायत दी गई है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि पिंजरा लगाकर तेंदुए को शीघ्र पकड़ा जाए ताकि कोई जानी नुकसान न हो।
उधर, वन विभाग के डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत उन्हें मिली है। आरओ नौहराधार को प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने के आदेश दिए गए हैं।