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धारटीधार के जंगल में भीषण आग, दर्जनों पेड़ झुलसे

Mon, 15 May 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो नाहन
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उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग - फोटो : PTI
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नाहन (सिरमौर)।वन परिक्षेत्र जमटा के तहत आने वाले धारटीधार इलाके के नावणी जंगल में भीषण आग लगने से दर्जनों चीड़ के पेड़ झुलस गए। सोमवार दोपहर लगी आग पर शाम तक भी काबू नहीं पाया जा सका था। आग की लपटें इतनी भयावह थी कि पूरे आसमान धुएं से पट गया। धीरे-धीरे यह आग नावणी गांव के समीप जा पहुंची। गनीमत यह रही कि मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की टीम समेत ग्रामीणों ने घर से समीप पहुंची आग को बुझा लिया। शाम तक भी जंगल का एक बड़ा हिस्सा आग से धूं-धूं कर जल रहा था। 

इस आग से चीड़ के बड़े पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई पेड़ झुलस गए लेकिन छोटे पौधे जंगल में ही खाक हो गए। हालांकि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि जल रहा जंगल का बड़ा हिस्सा निजी होने के साथ-साथ कुछ आरक्षित वन भूमि भी है। इस जंगल में सैकड़ों चीड़ के बड़े व छोटे पेड़ हैं। बता दें कि जमटा वन रेंज अति संवेदनशील क्षेत्र में आती है। चीड़ के घने जंगल होने के कारण हर साल यहां पर आग लगने का खतरा मंडराता है। धारटीधार इलाके का कुछ क्षेत्र ऐसा भी है जहां पर अग्निशमन विभाग के वाहन नहीं जा पाते। 
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मौके पर डटा वन विभाग  
आग बुझाने के लिए वन परिक्षेत्राधिकारी जमटा एनडी शर्मा के अलावा बीओ व फोरेस्ट गार्ड में बलिंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, तेजवीर सिंह, आशा व संदीप के साथ-साथ ग्रामीण भी मौके पर डटे रहे। वन विभाग व ग्रामीणों ने पेड़ के पत्तों से आग बुझाने के प्रयास किए। कुछ हद तक आग पर काबू भी पा लिया। फिर भी शाम को जंगल का कुछ हिस्सा जल रहा था।
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आग पर काबू करने के प्रयास जारी--
उधर, आरओ एनडी शर्मा ने बताया कि आग पर काबू करने के प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि बनेठी की तरफ जाते समय उन्होंने जंगल जलते देखा। इसके बाद बीओ व फोरेस्ट गार्ड को मौके पर बुलाकर आग को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। आग को बुझाने में ग्रामीणों का भी सहयोग मिल रहा है। आग से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कई पेड़ झुलस गए हैं।
 
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