पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम पांवटा से मिला। विगत दिनों स्थानीय बाजार निवासी एक युवक की नशे से मौत हो गई थी।
क्षेत्रवासी नशे के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। दिनों दिन पनपते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई गई है। पीड़ित की मां तथा शहरवासियों ने एसडीएम पांवटा के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा है।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील गुप्ता, भोलेश्वर, पूर्व पार्षद मधुकर डोगरी, संगीत, राजीव गुप्ता, मयंक, हिमांशु व सलोनी समेत पांवटा बाजार के लोग शामिल थे। पांवटा मुख्य बाजार निवासी पीड़िता की मां संगीता मित्तल ने कहा कि दीपावली के दिन लोग खुशियां मना रहे थे। अभागी मां अपने छोटे बेटे की चिता जला रही थी। उसने कहा कि साहब! मैंने लाडला खो दिया, कोई और मां न खोए।
पांवटा में तेजी से पनपते ड्रग्स के अवैध धंधा युवाओं की जान ले रहा है। दबे पांव चल कर घर-घर की तरफ मौत दस्तक दे रही है। समय रहते क्षेत्रवासियों ने नशे के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला तो बहुत देर हो जाएगी। संगीता मित्तल ने कहा कि बेटा नशा छोड़ना चाहता था। उसका नशा मुक्ति केंद्र पीजीआई से उपचार भी चला रहा था। कई हफ्तों तक नशा लेना भी बंद कर दिया, लेकिन, पांवटा क्षेत्र में नशे का व्यापार तीव्र गति से पांव पसार चुका है। दवा व सब्जियां मिलना कठिन हैं, लेकिन, अवैध नशीले पदार्थों के बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
सैकड़ों युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं, इसलिए वे स्थानीय लोगों के साथ प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज रहे हैं। नशे की बिक्री व सेवन पर कार्रवाई व पाबंदी से कई युवाओं की जान बचाई जा सकेगी। यही उनके दिवंगत बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उधर, एसडीएम पांवटा एचएस राणा ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन सौंपा है, जिससे युवाओं को नशे की चुंगल में फंसने से बचाया जा सके।
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