जाली पासबुक देकर एेंठ ली लोगों की गाढ़ी कमाई
कथित एजेंट ने एक नहीं कई लोगों को लगाया चूूना
पुलिस के पास चार शिकायतें, 35 लाख पहुंचा गबन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। डाकघर में एफडी करवाने के नाम पर लोगों के पैसे ऐंठ कर अंडरग्राउंड हुए कथित एजेंट को पुलिस अभी तक दबोच नहीं पाई है। शातिर ने एक नहीं, बल्कि शहर के कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। मामला सामने आने के बाद अब लोग पुलिस थाना में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कथित एजेंट की ओर से लोगों के साथ की गई ठगी की रकम 35 लाख रुपये तक पहुंच गई है। जबकि, यह रकम और भी बढ़ सकती है। अब तक कुल चार लोगों ने उनके साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस को सौंपी है। इसके लिए शातिर ने बाकायदा जाली पासबुकें बनाई थीं। गौरतलब है कि एक युवक काफी अरसे से अंडर ग्राउंड चल रहा है। संदीप परमार नाम के एक शख्स ने गुन्नूघाट चौकी में उसके साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस को दी शिकायत में उसने कहा था कि उन्होंने कथित पोस्ट ऑफिस एजेंट के पास मंथली स्कीम इनकम (एमआईएस) प्लान के तहत तीन खाते खोले थे। इन तीनों खातों में 13 लाख 70 हजार रुपये जमा कराए गए थे। पहले खाते में 5 लाख 40 हजार रुपये की राशि जमा की गई थी। दूसरे खाते में 6 लाख 65 हजार और तीसरे खाते में एक लाख 65 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई थी, जबकि चार और शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंची हैं। कुल मिलाकर करीब 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले की तय तक जाने के लिए भूमिगत हुए युवक की तलाश कर रही है। वहीं, डाक विभाग से भी रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड देखने के बाद पता चल पाएगा कि कथित एजेंट अपने नाम पर ही कार्य कर रहा था या किसी और के नाम पर।
ग्राहकों को दी जाली पासबुक
पुलिस जांच में पता चला है कि कथित एजेंट ने बाकायदा ग्राहकों को पासबुक भी बनाकर दी थी। इसके तहत वह पैसों की कलेक्शन करता था। पुलिस ने जब इन पासबुक की जांच की तो पाया गया कि यह जाली है। इसमें उसने स्वयं ही अपने हस्ताक्षर कर रखे थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीएसपी मुख्यालय बवीता राणा ने बताया कि पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है। पुलिस के पास शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। अब तक कुल चार मामले सामने आए हैं। इनसे करीब 35 लाख रुपये की ठगी हुई है। दस्तावेजों के आधार पर ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायत ली जा रही है।
शिकायत लेने से इंकार कर रही पुलिस
पुलिस ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायत को भी क्रॉसचेक कर रही है। किसी तरह का दस्तावेज दिखाने पर ही शिकायत को लिया जा रहा है। जबकि, दस्तावेज नहीं दिखाने वालों की शिकायत नहीं ली जा रही। शहर के योगमाया ने बताया कि उनके साथ भी लगभग सात लाख की ठगी हुई। लेकिन, उनकी शिकायत लेने से पहले उन्हें यह कहा गया कि पहले इसके सबूत दिखाएं।