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लोगों के लाखों डकारने वाला पुलिस गिरफ्त से दूर

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नाहन (सिरमौर)। डाक विभाग की एमआईएस (मंथली इनकम स्कीम) के नाम पर लोगों से पैसे हड़पने वाले नटवरलाल को पुलिस ढूंढ नहीं पाई है। नाहन थाना में दर्ज धारा 420 के इस मामले में अभी तक पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई। कथित एजेंट ने दर्जनों लोगों को चूना लगा रखा है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस में दर्जनों लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। दस्तावेजों के आधार पर दर्ज हुई करीब आठ शिकायतों में ही ठगी की रकम 51 लाख रुपये तक पहुंच गई है। ठगी की इस रकम के बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, पुलिस छानबीन में जुटी है।
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गौरतलब है कि नाहन थाने में भादंसं की धारा 420 के तहत मामला दर्ज हुआ है। इसमें शहर के एक व्यक्ति पर लोगों से एमआईएस के नाम के पैसे डकारने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने लोगों की एमआईएस करवाने के लिए पैसे लिए थे लेकिन, डाक विभाग में यह रकम ही जमा नहीं हुई। मामला दर्ज होने के बाद जब लोगों ने डाक विभाग से जानकारी ली तो इसका खुलासा हुआ। लोगों में विश्वास बनाकर आरोपी ने बाकायदा उनके चेक भी ले रखे थे। इसके आधार पर वह उनके खातों से भी पैसे निकाल चुका है। जबकि, कइयों की एमआईएस की पूरी की पूरी रकम ही निकाल ली गई है। यहां तक कि कुछ महीनों तक वह लोगों को एमआईएस के तहत हर महीने मिलने वाली राशि भी देता रहा। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने स्वयं ही पासबुकें बना रखी थीं, जिसमें वह एंट्री किया करता था। वहीं, कुछ लोगों से चेक और विद्ड्रॉल फार्म पर भी हस्ताक्षर करवा रखे थे, जिसकी सारी रकम वह डकार गया है।
गहनता से की जा रही जांच : डीएसपी
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामला दर्ज होने के बाद ठगी का शिकार अन्य लोग भी पुलिस थाने में शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। दस्तावेजों के आधार पर शिकायतों को लिया जा रहा है। अब तक करीब आठ लोगों की लगभग 54 लाख रुपये की ठगी की शिकायतें पहुंची हैं, जिनकी छानबीन की जा रही है। भूमिगत हुए शख्स का भी पता लगाया जा रहा है। .बवीता राणा, डीएसपी मुख्यालय
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संदीप परमार ने की थी सबसे पहले शिकायत
संदीप परमार नाम के एक शख्स ने पुलिस को सबसे पहले इस मामले की शिकायत की थी। उसका कहना था कि उसने कथित के पास मंथली स्कीम इनकम (एमआईएस) प्लान के तहत तीन खाते खोले थे। इन तीनों खातों में 13.70 लाख जमा कराए गए थे। पहले खाते में 5 लाख 40 हजार, दूसरे में 6 लाख 65 हजार और तीसरे खाते में 1 लाख 65 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई थी। लेकिन सोशल मीडिया पर उसके गुमशुदा होने की खबरें वायरल होने के बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
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