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मारकंडा नदी का सीना छलनी कर रहे हरियाणा के खननकारी

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गर्ब्यांग से लखनपुर के लिए रोड की कटिंग करती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में इन दिनों अवैध खनन जोरों पर हैं। यहां मारकंडा नदी से पत्थर, गटका, बजरी, रेत का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी इलाकों से आए लोग नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। यहां से ट्रैक्टरों में पत्थर, रेत, बजरी भर-भर कर ले जाया जा रहा है। दिनदिहाड़े किए जा रहे इस अवैध खनन के कार्य को रोकने में संबंधित विभाग नाकाम साबित हो रहा है।
यह क्षेत्र हरियाणा राज्य की सीमा के साथ सटा हुआ है। ऐसे में हरियाणा के निकटवर्ती क्षेत्रों से भी लोग ट्रैक्टर लेकर नदी के रास्ते से यहां प्रवेश कर रेत, बजरी, गटके का अवैध खनन कर ले जा रहे हैं जिसे वह अपने इलाके में बेचकर मनमाफिक मुनाफा कमा रहे हैं।
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सूत्रों की माने तो यहां से ले जाए गए ट्रैक्टरों को 3 से 4 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। ऐसे में यदि खनन विभाग या कोई अन्य अधिकृत विभाग इन अवैध खननकारियों पर कार्रवाई करता भी है तो उसका जुर्माना नाममात्र का होता है। जो इन अवैध खननकारियों की एक दिन की कमाई से भी कम है। ऐसे में यहां अवैध खनन का कारोबार खूब फलफूल रहा है।

यहां अवैध खनन होने के कारण कई लोगों की जमीनों को खतरा उत्पन्न हो गया है जिससे उद्योग भी बच नहीं पाए हैं। क्षेत्र के रविंद्र, शालू, राम अवतार, मनोज, भूपेंद्र यादव, राम सिंह ने बताया कि मारकंडा नदी से हर रोज आधा दर्जन ट्रैक्टर रेत, बजरी व गटका ढोने के कार्य में लगे रहते हैं जो श्मशान घाटों को जाने वाले रास्ते से नदी में घुसते हैं। सुबह-शाम के समय इस अवैध खनन को अधिक अंजाम दिया जा रहा है।
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लोगों ने बताया कि कुछ ट्रैक्टरों पर तो नंबर प्लेट भी नहीं होती है जिससे उनकी शिनाख्त भी नहीं हो पाती है।
उधर, जिला खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज ने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र में वन व पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कार्रर्वाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा ऐसे रास्तों पर भी नजर रखी जाएगी जो नदी के दोनों ओर जाते हैं।
 
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