अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले को खत्म हुए 15 दिन से भी अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी भी गिरि नदी के किनारे मीट के अस्थायी कारोबारी अपना अड्डा जमाए बैठे हैं जो मीट के कारोबार के साथ-साथ शराबखोरी को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे रेणुका तीर्थ में आने वाले श्रद्घालु व यात्रियों को इन शराबियों के हरकतों से जूझना पड़ रहा है।
रेणुका मेले के दौरान ददाहू स्थित गिरि पुल से पहले ही पके हुए मीट की कुछ अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं, जो मांसाहारियों के लिए पका मीट बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। इस साल रेणुका मेले को खत्म हुए 15 दिन का समय बीत चुका है लेकिन इनमें से कुछ एक मीट विक्रेता अभी भी अपना धंधा चलाए हुए हैं, जहां मीट के साथ-साथ शराबियों का जमावड़ा भी लगा हुआ है। इन दुकानदारों ने अभी तक अपनी दुकानों को सड़क किनारे से नहीं हटाया है। ऐसे में मांस व मदिरा का प्रयोग न करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
वहीं यह लोग सरेआम खाडू व बकरों को काटकर लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं। इससे रेणुका आने व जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी खासा रोष पनप रहा है।
उधर, रेणुका थाने के कार्यवाहक एसएचओ रघुवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मीट का कारोबार करने वाले इन अस्थायी दुकानदारों को तुरंत हटा दिया जाएगा। इन लोगों के कथित कारोबार से शराबियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसकी शिकायतें पुलिस को मिल रही हैं। पुलिस इन लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेगी।