अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पांवटा अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। बिना पोस्टमार्टम के जबरन शव लेकर जाने से रोकने पर मृतक के परिजन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर ही हाथा पाई पर उतर आए। इस हाथापाई और धक्कामुक्की में एक स्वास्थ्य कर्मी को चोटें आईं। उसके हाथ में फ्रेक्चर बताया जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह गोंदपुर के समीप सब्जी खरीद रहे 45 वर्षीय काकू खान निवासी जंबूखाला को एक ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। उसके सिर में चोटें आई थीं। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। सुबह करीब 11 बजे हादसे में घायल काकू को अस्पताल पहुंचाया गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण घायल ने दम तोड़ दिया था।
इस दौरान डॉ. केएल भगत व अस्पताल कर्मियों महफूज अली ने परिजनों को जरूरी पुलिस औपचारिकताओं को पूरा करवाने को कहा जिस पर अस्पताल पहुंचे करीब आधा दर्जन लोग भड़क गए। वे शव को जबरन लेकर जाने लगे। हंगामे के बीच लोग मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों से भी उलझ पड़े। अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी महफूज ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने हाथापाई शुरू कर दी। बीच बचाव करने पहुंचे दूसरे कर्मी अंकुश कुमार पर भी टूट पड़े। इससे अंकुश का हाथ फ्रेक्चर हो गया है। इसके बाद कर्मचारी व आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। काफी देर अस्पताल परिसर का माहौल हंगामेदार रहा। हंगामे की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने पुष्टि की है। डीएसपी ने कहा कि गोंदपुर क्षेत्र में सड़क हादसा हुआ था। हादसे के मृतक काकू (45) का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। अस्पताल परिसर में कर्मियों से मारपीट मामले की जांच होगी।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
पांवटा सिविल अस्पताल में रविवार को इमरजेंसी ड्यूटी दे रहे डॉ. केेएल भगत ने कहा कि ऐसे हालात में कार्य कर पाना कठिन है। हादसे में मृतक के सिर में चोट थी। परिजनों को सिर्फ इतना कहा गया कि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करवा लीजिए। इतनी बात पर कर्मियों से बहस करने लगे। अंकुश कुमार से मारपीट कर घायल कर दिया गया। इसकी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाई जा रही है।
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