साइड स्टोरी----
शरारती तत्वों के निशाने पर धार्मिक स्थल, पुलिस के हाथ खाली
पुराने मामलों में 15 लोगों पर शक, मैचिंग के लिए भेजे गए फिंगरप्रिंट
पटाखा जलाने और आग लगाने के मामले में 50 संदिग्धों से पूछताछ
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)।
धार्मिक एकता के लिए प्रसिद्ध सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र के धार्मिक स्थल शरारती तत्वों के निशाने पर हैं। तनाव पूर्ण स्थिति को जन्म देने वाली घटनाओं से लोग सकते में है। दो महीने में तीन धार्मिक स्थलों में तनाव बढ़ाने वाली हरकतें हुई हैं। दूसरी ओर इस मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि, पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंचने के लिए भरसक प्रयास किए हैं लेकिन अभी तक इन मामले में किसी भी शख्स की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पांवटा क्षेत्र के दो धार्मिक स्थलों में शरारती तत्व पहले भी घटिया हरकतें कर चुके हैं। सोमवार को हुई वारदात पहली नहीं है। इससे पहले भी ऐसी हरकतें हुई हैं। इन मामलों को क्या पुलिस गंभीरता से ले रही है? इन अति संवेदनशील मामलों में पुलिस जांच भी धीमी रही है। यही वजह है कि आक्रोशित लोग सोमवार को सड़कों पर उतरे और लगभग एक घंटे तक नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्व में हुई पटाखा बम फोड़ने और आग लगाने के मामले में मौका-ए-वारदात से लिए गए फिंगर प्रिंट के आधार पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। इस मामले में पुलिस 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जबकि लगभग 15 लोगों के फिंगर प्रिंट्स लिए गए हैं।
डीएसपी पांवटा साहिब प्रमोद चौहान ने बताया कि तीनों मामलों को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। एफएसएल के साक्ष्यों के आधार पर जांच चल रही है। पूर्व में हुए दोनों मामलों में 50 लोगों से पूछताछ हुई। 15 संदिग्धों के फिंगर प्रिंट्स मैचिंग के लिए लैब को भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य
डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया कि मेलियों में हुई वारदात की तय तक जाने के लिए एफएसएल की टीम बुलाई है। टीम पांवटा पहुंच गई है। टीम के साथ मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके से फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। वारदात को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द दबोचने के प्रयास किए जाएंगे।
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--संजय भारद्वाज