शिलाई (सिरमौर)। हरियाणा में इंद्री-यमुनानगर सड़क मार्ग पर रंभा के समीप दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही पंचायत के तीन युवाओं की मौत से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। कई महीने तक खेतों में जी तोड़ मेहनत करने के बाद टमाटर की फसल मंडी में बेचकर कुछ धनराशि लेकर युवा घर आने वाले थे लेकिन टमाटर का क्या मूल्य रहा, कितने में बिका और कब युवा वापस घर पहुंचेंगे ? यह खबर आने से पहले उनकी मृत्यु की खबर आ गई। तीनों युवाओं की मौत से भटनोल और पधोग गांव में मातम का माहौल है। सुबह से मृतकों और उनके रिश्तेदारों के घरों में चूल्हे नहीं जले।
शिलाई के भटनोल निवासी योगराज, सुनील, नीटू और पधोग का अनुराग टमाटर की फसल लेकर दिल्ली जा रहे थे। बुधवार सुबह इंद्री-यमुनानगर मार्ग रंभा नामक स्थान पर उनकी आयशर को एक ट्राले (एचआर 69-6729) ने टक्कर मार ली। हादसे में योगराज, सुनील और अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि योगराज, सुनील, नीटू पधोग के अनुराग की गाड़ी में टमाटर लेकर दिल्ली जा रहे थे। सुबह अचानक हुए हादसे की खबर जैसे ही गांव तक पहुंची तो गांव चीख-पुकार से गूंज उठा। परिजन, रिश्तेदार और गांव के कई लोग हरियाणा के लिए निकल गए। सुबह से ही गांव के कई लोग परिजनों सहित हरियाणा में हैे। जहां पुलिस प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शव परिजनों के हवाले किए जा सकें।
बताया जा रहा है कि वीरवार को पांवटा में ही तीनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। योगराज और सुनील एक ही गांव के रहने वाले थे। दो युवाओं की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि अनुराग की मृत्यु से भी पधोग गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बूरा हाल है। महिलाएं सुधबुध खो बैठी है। किसी ने अपना जिगर का टुकड़ा खो दिया है तो किसी का इस हादसे ने सुहाग छीन लिया।
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फोन ने बचाई नीटू की जान
टमाटर लेकर गया चौथा युवक नीटू इस हादसे में बच गया। टायर पंक्चर होने के बाद टायर बदला जा रहा था। इस दौरान नीटू को गांव से ही उसके भाई का फोन आया। कयास लगाए जा रहे हैं कि सड़क किनारे गाड़ियों की आवाज होने के चलते वह फोन सुनने के लिए थोड़ा दूर निकल गया। इसी वक्त यह हादसा हुआ, जिससे उसके तीन साथियों की जान चली गई। नीटू गहरे सदमे में बताया जा रहा है।