रोनहाट (सिरमौर)। हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर मीनस से कुछ दूर सैंज नामक स्थान पर बरामद हुए नर कंकाल के मामले में शिलाई पुलिस की ओर से गहनता से जांच की जा रही है। अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस को आशंका है कि शव शिलाई इलाके से कुछ महीने पहले लापता हुई पिंकी का है। लिहाजा, पिंकी के बच्चे के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। डीएनए जांच के बाद ही सत्यता का पता चल सकेगा। शिलाई पुलिस थाना के एसएचओ ने पूरी टीम के साथ शुक्रवार को फिर टौंस नदी के किनारे पर उस स्थान का मुआयना किया जहां पर नर कंकाल बरामद किया गया था।
नर कंकाल को उत्तराखंड की राजस्व पुलिस द्वारा फोरेंसिक परीक्षण और डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजा गया है जहां पर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम की ओर से उसकी बारीकी से जांच की जा रही है। हिमाचल पुलिस ने झकांडों पंचायत के कुफ्फोटी गांव से बीते वर्ष दिसंबर माह से लापता चल रही 22 वर्षीय पिंकी के छह माह के बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाया है।
उधर, पांवटा साहिब के डीएसपी वीर बहादुर ने बताया कि शनिवार को सिविल अस्पताल शिलाई में लापता पिंकी के बच्चे के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। उत्तराखंड राज्य से फोरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मामला साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से छानबीन कर रही है।
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