चेक बाउंस मामले में 6 माह की सजा
बरकरार, आरोपी की अपील खारिज
- अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 30 दिसंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट के फैसले को ठहराया सही
- साल 2018 को दोषी ने भूमि विकास के लिए बैंक से लिया था 3 लाख का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायालय ने दोषी करार आरोपी की अपील खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है।
यह मामला मई 2018, को राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक से जुड़ा है। तहसील कमरऊ निवासी हिरदा राम ने बैंक से भूमि विकास के लिए तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण अदायगी में चूक होने पर आरोपी ने बैंक को 42,906 का चेक जारी किया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर खाता अवरुद्ध टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। 30 दिसंबर 2024 को एसीजेएम ने आरोपी को एनआई एक्ट की धारा के तहत दोषी ठहराते हुए 6 महीने का कारावास, 58 हजार का मुआवजा और भुगतान न करने पर अतिरिक्त 1 महीने के कारावास की सजा सुनाई थी।
अपीलकर्ता ने तर्क देते हुए दोषी नहीं होने का दावा किया था, लेकिन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने अपील खारिज करते हुए दोषसिद्धि और सजा के आदेश को यथावत रखा।
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