ठेकेदार ने मारपीट के आरोपियों की
नहीं की पहचान, सभी चार आरोपी बरी
- साल 2020 में कालाअंब का मामला, निजी कंपनी के पास आरोपियों पर तलवार से हमले करने के लगे थे आरोप
- कोर्ट में गवाही में आई कमजोरी, बरामदगी और संलिप्तता ठोस रूप से नहीं हुई सिद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। कालाअंब थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई मारपीट के चर्चित मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
पुलिस थाना कालाअंब में 20 दिसंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि 19 दिसंबर 2020 की रात अल्फा कंटेनर कंपनी के पास कुछ युवकों ने ठेकेदार आशिक मोहम्मद पर धारदार हथियार और डंडों से हमला किया। घायल को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले में धारा 147, 148, 149, 341, 323, 326 और 201 आईपीसी के तहत चालान पेश किया। मामले में अमन कुमार (नाहन), कपिल (अंबाला), विकास कुमार (सहारनपुर) और अमरनाथ उर्फ नीटू लाला (नाहन) को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अवैध जमावड़ा बनाकर घायल को रास्ते में रोककर मारपीट की थी। जांच के दौरान तलवार बरामद करने का दावा भी किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह पेश किए, लेकिन कई अहम गवाह अपने बयानों से मुकर गए। घायल आशिक मोहम्मद ने भी अदालत में आरोपियों की पहचान नहीं की। न ही किसी चिकित्सक को पेश किया गया, जिससे गंभीर चोट की पुष्टि हो पाती। अदालत ने माना कि हथियार की बरामदगी और आरोपियों की संलिप्तता ठोस रूप से सिद्ध नहीं हो सकी।
अदालत का फैसला
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। ऐसे में सभी आरोपियों को बरी किया जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संदेह का लाभ हमेशा आरोपी को दिया जाता है और ठोस साक्ष्य के अभाव में दोषसिद्धि संभव नहीं है।
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