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Sirmour News: अदालत 3

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एससी/एसटी एक्ट मामले में
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1 साल बाद दर्ज हुई चार्जशीट
- विशेष न्यायाधीश ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी को किया माफ, अब तय होंगे आरोप
- 8 अप्रैल 2025 को नाहन थाना का मामला, भूमि विवाद के चलते जातिसूचक व धमकी के लगे हैं आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक मामले में चार्जशीट दाखिल करने में हुई देरी को माफ कर दिया है। अदालत ने कहा कि न्याय के हित में तकनीकी आधारों पर मामले को खारिज करना उचित नहीं होगा। अब आरोपी चेतना सिंह के खिलाफ चार्ज (आरोप) तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह मामला साल 8 अप्रैल 2025 को नाहन थाना में दर्ज हुआ है। प्रारंभिक जांच के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच भूमि विवाद व बयानों में विरोधाभास के चलते 30 मई 2025 को कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार की गई थी। हालांकि, बाद में हुई विस्तृत जांच में नए तथ्य सामने आए और गवाहों के बयानों से जातिसूचक अपमान व आपराधिक धमकी का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित हुआ।
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अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामले में जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन और एससी/एसटी अधिसूचनाओं की जांच में समय लगा। इस कारण चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई। इस पर अदालत ने माना कि देरी जानबूझकर नहीं बल्कि जांच को निष्पक्ष और मजबूत बनाने के लिए हुई है। अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम मामले में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह कमजोर वर्गों को न्याय दिलाए। केवल देरी के आधार पर ऐसे मामलों को रोकना न्याय के विपरीत होगा। इसी के साथ अदालत ने देरी को उचित ठहराते हुए माफ कर दिया और अभियोजन को तुरंत अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।
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